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चैनत ग्रामीण बोले-हांसी का पानी नहीं, बड़ी पाइपलाइन बिछाओ:9 जून से आमरण अनशन की चेतावनी; CM सैनी से हस्तक्षेप की अपील




हरियाणा के हांसी स्थित चैनत गांव में पेयजल संकट को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच रविवार को धरना कमेटी और ग्रामीणों ने एक प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने विधायक विनोद भयाना के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया दी। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे हांसी शहर का पानी छीनने या मुख्य पाइपलाइन में किसी प्रकार की छेड़छाड़ की मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग यह है कि हांसी शहर के लिए बिछाई जा रही 36 इंच की पाइपलाइन का आकार बढ़ाकर चैनत गांव को भी उसी पेयजल योजना से जोड़ा जाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विधायक ने उनकी मांग को गलत तरीके से पेश किया है। वहीं उन्होंने कहा कि 9 जून से आमरण अनशन की बात कही है। कई-कई दिनों तक नहीं मिलता था पानी ग्रामीणों ने बताया कि वे पहले खरकड़ी लाइन से पानी लेने की व्यवस्था की समस्याओं का सामना कर चुके हैं। मोटर खराब होने, बिजली कटौती और ट्रांसफार्मर संबंधी दिक्कतों के कारण उन्हें कई-कई दिनों तक पानी नहीं मिलता था। इसी वजह से ग्रामीण दोबारा उसी पुरानी व्यवस्था में नहीं जाना चाहते। CM ने पेयजल योजना से जोड़ने की थी घोषणा धरना कमेटी ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के वर्ष 2025 में अमृत योजना के तहत 12 गांवों और 33 ढाणियों को पेयजल योजना से जोड़ने की घोषणा का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह दावा करना कि अमृत योजना के तहत गांवों को पानी नहीं दिया जा सकता, तथ्यात्मक रूप से गलत है। ग्रामीणों ने अपनी बात के समर्थन में संबंधित दस्तावेज और समाचार रिपोर्ट भी प्रस्तुत किए। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का मुद्दा भी उठाया प्रेस वार्ता के दौरान ग्रामीणों ने चैनत जलघर में लगभग 1.45 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के अधूरे पड़े होने का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि यह प्लांट आज तक चालू नहीं हो पाया है, जबकि गांव में बिना शुद्धिकरण के पानी की आपूर्ति की जा रही है। ग्रामीणों ने जलघर की तस्वीरें दिखाते हुए बताया कि फिल्टर सिस्टम बंद पड़ा है और लोगों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि किसानों की जमीन में बिना अनुमति के पाइपलाइन डालने का प्रयास किया गया। हालांकि, संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। 9 जून से आमरण अनशन की चेतावनी धरना कमेटी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो 9 जून से गांव के पुरुष आमरण अनशन शुरू करेंगे। पहले चरण में चार से पांच लोग अनशन पर बैठेंगे और केवल पानी के सहारे आंदोलन जारी रखेंगे। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि गांव के पीने के पानी और भविष्य का मुद्दा है। उन्होंने सरकार से चैनत गांव को हांसी शहर की नई पाइपलाइन से जोड़कर स्थायी समाधान देने की अपील की।



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