चंडीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री संजीव राणा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात कर रही है, लेकिन उसे अपने शासनकाल के उन फैसलों को भी याद करना चाहिए, जिन पर देशभर में सवाल उठे थे। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर कांग्रेस का रिकॉर्ड भी सवालों के घेरे में रहा है। जनता इतिहास को अच्छी तरह जानती है और सब कुछ याद रखती है। संजीव राणा ने कहा कि देश 4-5 जून 2011 की उस घटना को कभी नहीं भूल सकता, जब दिल्ली के रामलीला मैदान में योगगुरु बाबा रामदेव के नेतृत्व में भ्रष्टाचार और काले धन के मुद्दे पर आंदोलन चल रहा था। उस समय केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार सत्ता में थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आधी रात को पुलिस कार्रवाई कर आंदोलन स्थल खाली कराया गया, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी। इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए थे और इसे लेकर उस समय देशभर में व्यापक राजनीतिक बहस हुई थी। लोगों के साथ उसके व्यवहार को देश अच्छी तरह जानता है उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान की यह घटना आज भी लोकतांत्रिक अधिकारों और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में चर्चा का विषय बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज लोकतंत्र की रक्षा की बात करती है, लेकिन सत्ता में रहते हुए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे लोगों के साथ उसके व्यवहार को देश अच्छी तरह जानता है। अपने शासनकाल के फैसलों पर आत्ममंथन करे भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस को भारतीय जनता पार्टी पर सवाल उठाने से पहले अपने शासनकाल के फैसलों और घटनाओं पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल भाषणों से मजबूत नहीं होता, बल्कि सरकारों के आचरण और जनता के प्रति उनके व्यवहार से उसकी वास्तविक पहचान होती है। लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करने वालों के बीच अंतर समझते हैं उन्होंने कहा कि जनता अब पहले से अधिक जागरूक है और इतिहास को भूली नहीं है। लोग लोकतंत्र और संविधान के नाम पर राजनीति करने वालों तथा वास्तव में लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करने वालों के बीच अंतर समझते हैं। संविधान और शांतिपूर्ण संवाद में विश्वास रखती है पार्टी राणा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकतंत्र, संविधान और शांतिपूर्ण संवाद में विश्वास रखती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा नागरिकों के अधिकारों का सम्मान करती है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कांग्रेस से अपने शासनकाल की घटनाओं पर भी विचार करने की अपील की, ताकि जनता के सामने पूरा पक्ष आ सके।
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