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चंडीगढ़ में 54 साल पुरानी 2 मंजिला बिल्डिंग गिरी:मलबे में दबने से 2 लोगों की मौत, 5 घायल; साढ़े 5 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन




चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में शनिवार शाम को करीब 54 साल पुरानी 2 मंजिला बिल्डिंग गिर गई। इसके मलबे में दबने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। लोगों को बचाने के लिए करीब साढ़े 5 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। इसमें सेना, NDRF व चंडीगढ़ प्रशसान की टीमें जुटी रहीं। मृतकों की पहचान उत्तर प्रदेश के जिले मेरठ के निवास तरूण जैन (45) और तरूण कौशिश (48) के रूप में हुई है। मलबे से निकाले कुलदीप सिंह, कुलबीर सिंह, उमेश, राहुल और अजीत का इलाज चल रहा है। आज एस्टेट आफिस व सीएफएसएल की टीमें मौके का मुआयना करेगी। वहीं, चंडीगढ़ प्रशासन ने अब इस तरह के हादसों को रोकने के लिए असुरक्षित इमारतों का सर्वे करने का फैसला लिया है। मजदूर बोले- भूकंप जैसा झटका लगा और इमारत गिर पड़ी मलबे से जिंदा बचे रमेश कुमार ने बताया कि अंदर 20 से 25 लोग थे। शाम को करीब 4.20 बजे अचानक भूकंप जैसा झटका लगा और बिल्डिंग गिर गई। इसमें सारे लोग दब गए। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए पुलिस बुलाई गई। इसके बाद जेसीबी के जरिए पहले लेंटर हटाया गया, ताकि अंदर हवा जाती रहे और वहां दबे लोगों की जिंदगी बचाई जा सके। इंडस्ट्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एमपीएस चावला ने कहा- यह बिल्डिंग काफी पुरानी थी। इंडस्ट्रियल एरिया के प्लॉट नंबर 28/9 में बनी इस बिल्डिंग में स्क्रैप का काम चल रहा था। बिल्डिंग पुरानी होने की वजह से ही उसकी छत गिरी है। 1972 में बनी बिल्डिंग, 15 दिन पहले किराए पर ली जानकारी के अनुसार, यह बिल्डिंग 1972 की अलॉटमेंट है। उसी दौरान इसका निर्माण हुआ था। यह पूरी तरह से कॉमर्शियल थी। करीब 15 दिन पहले ही इसको किराए पर लिया गया था। अभी काम चल रहा था। दो दिन से बारिश हो रही थी। इस वजह से अचानक सीलन होने से इमारत गिरी है। देरी से पहुंची NDRF की टीम हादसा शाम करीब 4.20 बजे हुआ, इसके तुंरत बाद पुलिस और फिर सिविल डिफेंस की टीम पहुंची, जिसनें रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन NDRF को तुरंत सूचना नहीं दी गई। करीब पौने 7 बजे यानी हादसे के ढाई घंटे बाद NDRF को सूचना दी गई, जिसके बाद NDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। NDRF के अधिकारी संजीव कोहली ने बताया कि अंत में दो लोगों को मलबे में से बाहर निकाला है। इसमें पहला बेहोश था, जबकि दूसरा बात कर रहा था। टीम ने लेंटर को सिक्योर किया। साढ़े 5 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चला। मेयर बोले- रेनोवेशन का काम चल रहा था चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलने के दौरान कहा था- हादसे के समय इमारत के अंदर छह से सात लोग मौजूद थे। इनमें से चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकल लिया। दो लोग अभी भी मलबे में फंसे थे, लेकिन उनकी स्थिति ठीक है। उन्होंने बताया कि यह एक पुरानी इमारत थी, जहां रेनोवेशन का काम चल रहा था। हालांकि, जब मेयर सौरभ जोशी से पूछा गया कि सिविल डिफेंस की टीम ने NDRF को लेट सूचना क्यों दी, तो उन्होंने इस पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। चंडीगढ़ में दो दिन में लगातार दूसरा हादसा मानसून की एंट्री के बाद दो दिनों में चंडीगढ़ में दो हादसे हो चुके हैं। इससे पहले 3 जुलाई को बारिश के दौरान चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CCET) के पुराने मल्टीपर्पज हॉल की छत भरभराकर गिर गई। हालांकि, इस इमारत को पहले ही असुरक्षित घोषित कर खाली करा लिया गया था, इसलिए इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाब- बारिश और आंधी से मकान की छत गिरी:सो रहे 2 सगे भाई मलबे में दबे अबोहर के आर्य नगर में तेज बारिश और आंधी के कारण मकान की छत ढह गई। इससे कमरे में सो रहे दो सगे भाई मलबे में दब गए। इनमें से एक गंभीर घायल हो गया, जबकि दूसरे को हल्की चोटें आईं। पढ़ें पूरी खबर…



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