चंडीगढ़ के शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अब स्थानीय कारीगरों को अपने हुनर और तैयार किए गए उत्पादों को देश-विदेश तक पहुंचाने का नया मंच मिल गया है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए एयरपोर्ट पर ‘वन एयरपोर्ट वन प्रोडक्ट’ (OAOP) योजना के तहत अवसर स्टॉल की शुरुआत की गई है। नाबार्ड के सहयोग से संचालित एक सेल्फ हेल्प ग्रुप के साथ मिलकर शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों और छोटे उद्यमियों को सीधे बड़े बाजार से जोड़ना है। इसके माध्यम से कारीगरों को रोजगार और आय के नए अवसर मिलेंगे, वहीं एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों को स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए उत्पाद खरीदने का अवसर भी मिलेगा। अधिकारियों की मौजूदगी में स्टॉल की शुरुआत स्टॉल का उद्घाटन आज एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय, लुधियाना के ज्वाइंट डायरेक्टर पंकज कुमार झा और उद्योग विभाग, यूटी चंडीगढ़ के ऑफिस सुपरिनटेंडेंट विशाल सभरवाल ने किया। इस अवसर पर उद्योग विभाग और MSME-DFO लुधियाना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। 3 प्वाइंट में जानें क्या होगा कारीगरों को फायदा:- छोटे कारीगरों को बड़े बाजार से जोड़ने की पहल इस पहल के माध्यम से पारंपरिक हुनर को संरक्षित करने और कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। एयरपोर्ट पर शुरू किया गया यह स्टॉल स्थानीय उत्पादों को नए ग्राहकों तक पहुंचाने के साथ-साथ कारीगरों के लिए बड़े बाजार के अवसर भी खोल सकता है।
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चंडीगढ़ में वन एयरपोर्ट वन प्रोडक्ट स्टॉल शुरू:लोकल कारीगरों के हुनर को मिलेगी ग्लोबल पहचान, देश-विदेश के यात्री खरीद सकेंगे स्थानीय उत्पाद
