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चंडीगढ़ में भगवान का घर भी नहीं सुरक्षित:श्री प्रणामी मंदिर में दूसरी बार चोरी, ₹12 हजार उड़ाए, 100 मीटर दूर पुलिस स्टेशन




चंडीगढ़ में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। अब चोरों ने भगवान के घर को भी नहीं छोड़ा। सेक्टर-39 की जीरी मंडी के पास स्थित श्री प्रणामी मंदिर में चोरों ने दूसरी बार चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इस बार चोरों ने मंदिर परिसर में बने श्री हनुमान मंदिर के गोलक को निशाना बनाया और उसमें रखे करीब 12 हजार रुपये लेकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि मंदिर से महज करीब 100 मीटर की दूरी पर पुलिस स्टेशन 39 है, इसके बावजूद चोर बेखौफ होकर वारदात को अंजाम देकर निकल गए। लेकिन जहां चोरी हुई वो मदिंर मलोया पुलिस स्टेशन में आता है। लोहे की रॉड से तोड़ा गोलक मंदिर प्रबंधन का कहना है कि आरोपी चोरी की पूरी तैयारी करके आया था। उसने गोलक पर लगे ताले को तोड़ने की कोशिश नहीं की, ताकि ज्यादा आवाज न हो और किसी को शक भी न हो। आरोपी अपने साथ लोहे की मजबूत रॉड लेकर आया था। उसने उसी रॉड को गोलक के ढक्कन और लोहे की पट्टी के बीच फंसाया और जोर लगाकर उसे मोड़ दिया। जैसे ही गोलक में इतना बड़ा गैप बन गया कि हाथ अंदर जा सके, उसने उसमें रखी नकदी निकाल ली। इसके बाद वह बिना ताला तोड़े ही मौके से फरार हो गया। आरोपी ने वारदात को जिस तरीके से अंजाम दिया, उससे लगता है कि उसने पहले मंदिर की रेकी की थी। उसे यह जानकारी थी कि गोलक कहां रखा है, उसमें किस तरह से पैसे डाले जाते हैं और उसे बिना ताला तोड़े कैसे खोला जा सकता है। यही वजह रही कि उसने ताला तोड़ने के बजाय लोहे की पट्टी को मोड़कर चोरी की, जिससे वारदात को अंजाम देने में कम समय लगा और शोर भी नहीं हुआ। दिन में चोरी शाम तक किसी को भनक नहीं घटना रविवार दिन के समय हुई। उस दौरान किसी को इसकी जानकारी नहीं मिली। शाम को जब श्रद्धालु मंदिर में माथा टेकने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि गोलक का लॉक टूटा हुआ है। जब अंदर देखा गया तो उसमें रखी पूरी नकदी गायब थी। मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन इस बार भी चोर कैमरे में कैद नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि कैमरे का रुख दूसरी दिशा में था, जबकि आरोपी दूसरी ओर से मंदिर में दाखिल हुआ। इसी वजह से उसकी कोई स्पष्ट तस्वीर रिकॉर्ड नहीं हो पाई। एक महीने पहले इसी मंदिर में चोरी यह श्री प्रणामी मंदिर में चोरी की पहली वारदात नहीं है। करीब एक महीने पहले भी चोरों ने इसी मंदिर को निशाना बनाया था। उस समय आरोपी मंदिर परिसर में बने माता रानी मंदिर तक पहुंच गए थे और वहां रखा पूरा दानपात्र (गोलक) ही उखाड़कर अपने साथ ले गए थे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार उस गोलक में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए करीब ₹10 हजार रखे थे। चोरी की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली थी, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिल सका। घटना के करीब एक सप्ताह बाद मंदिर का खाली गोलक मंदिर की बाहरी दीवार के पास पड़ा मिला। चोर उसमें रखी पूरी नकदी निकाल चुके थे और पहचान छिपाने के लिए गोलक को वहीं फेंककर फरार हो गए थे।



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