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चंडीगढ़ में बिजली के खंभे पर लगी आग:डेढ़ घंटे तक बंद नहीं हुई सप्लाई; ग्रामीणों का बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप




चंडीगढ़ के गांव कजहेड़ी में बुधवार सुबह बिजली विभाग की लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती थी। गांव की एक गली में बिजली के खंभे पर लगी तारों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और चिंगारियां आसपास के घरों तक पहुंचने लगीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद बिजली विभाग ने करीब डेढ़ घंटे तक बिजली सप्लाई बंद नहीं की। घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली बंद नहीं करवाई जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय निवासी शकील मोहम्मद ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे गली में लगे बिजली के खंभे की तारों से अचानक धुआं निकलना शुरू हुआ। कुछ ही देर में तारों में आग लग गई। उस समय गली से लोग लगातार आ-जा रहे थे। आग बढ़ने के कारण लोग डर गए और आसपास के घरों से परिवारों को बाहर निकालना पड़ा। उन्होंने बताया कि आग इतनी तेज हो गई थी कि चिंगारियां नीचे गिरने लगीं। गनीमत रही कि उस समय कोई राहगीर या वाहन उसकी चपेट में नहीं आया, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। समय पर नहीं पहुंचा बिजली विभाग शकील मोहम्मद ने कहाआग लगते ही उन्होंने बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबर और संबंधित अधिकारियों को फोन कर सूचना दी। अधिकारियों ने फोन तो रिसीव किया, लेकिन न तो कोई कर्मचारी मौके पर भेजा गया और न ही बिजली सप्लाई बंद की गई। उनका आरोप है कि करीब डेढ़ घंटे तक पूरे इलाके में बिजली चालू रही और लोग जान जोखिम में डालकर खड़े रहे। बाद में ग्रामीण खुद सेक्टर-52 पहुंचे, जहां बिजली विभाग की टीम किसी अन्य स्थान पर काम कर रही थी। लोगों ने कर्मचारियों को मौके पर लेकर आए, जिसके बाद बिजली सप्लाई बंद करवाई गई और आग पर काबू पाया जा सका। उन्होने कहा जिस खंभे पर आग लगी थी, उसके बिल्कुल साथ एक मकान है। आग लगने के दौरान उस घर में करंट दौड़ने लगा। घर के अंदर छोटे बच्चे और बुजुर्ग मौजूद थे। परिजनों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला। उनका कहना है कि यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो किसी की जान जा सकती थी। समय पर बिजली बंद होती तो नहीं बनती ऐसी स्थिति घटना के बाद गांव के लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि विभाग की लापरवाही ने पूरे इलाके को खतरे में डाल दिया। लोगों का कहना था कि यदि शिकायत मिलते ही बिजली सप्लाई बंद कर दी जाती तो आग इतनी नहीं फैलती और लोगों की जान जोखिम में नहीं पड़ती। ग्रामीणों ने कहा कि आपात स्थिति में यदि बिजली विभाग समय पर सहायता नहीं पहुंचा सकता तो ऐसी व्यवस्था का क्या फायदा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इस दौरान किसी व्यक्ति की मौत हो जाती या बड़ा हादसा हो सकता था।



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