शहर की बंद और कम इस्तेमाल हो रही अंडरग्राउंड पार्किंग्स अब जल्द ही रौनक से भर सकती हैं। मेयर सौरभ जोशी ने चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखकर इन पार्किंग्स को कमर्शियल हब में बदलने का प्रस्ताव दिया है। इस प्लान के तहत पार्किंग के साथ-साथ दुकानों और दूसरे बिजनेस एक्टिविटी शुरू की जाएंगी, जिससे रोजगार भी बढ़ेगा और नगर निगम की आमदनी में इजाफा होगा। मेयर ने कहा कि नगर निगम की कई अंडरग्राउंड पार्किंग्स इस समय सफेद हाथी बन चुकी हैं। सही प्लानिंग और प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP मॉडल) के जरिए इन्हें सोने की खान में बदला जा सकता है। इससे युवाओं को नौकरी मिलेगी और शहर के संसाधनों का सही इस्तेमाल भी हो पाएगा। 4 जगहों पर फोकस, सेक्टर-17 और सेक्टर-8 शामिल
मेयर के मुताबिक शहर में फिलहाल 4 बड़ी अंडरग्राउंड पार्किंग्स बंद पड़ी हैं। इसमें तीन सेक्टर-17 में और एक सेक्टर-8 में। इन जगहों को दोबारा डेवलप कर यहां कमर्शियल गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं। इसके अलावा उन्होंने एलांते मॉल की पार्किंग को भी इस मॉडल में शामिल करने का सुझाव दिया है। दिल्ली मॉडल का दिया उदाहरण
मेयर ने पुरानी दिल्ली का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां इस तरह के प्रोजेक्ट्स प्राइवेट कंपनियों जैसे ओमैक्स लिमिटेड के साथ मिलकर सफलतापूर्वक चल रहे हैं, जिससे सरकार को अच्छा खासा रेवेन्यू मिल रहा है और इंफ्रास्ट्रक्चर भी बेहतर हुआ है। ‘विकसित भारत 2047’ के साथ ‘विकसित चंडीगढ़’ का विजन
मेयर ने कहा कि नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के सपने को पूरा करने के लिए चंडीगढ़ को भी स्मार्ट और आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है। PPP मॉडल अपनाने से सरकार पर खर्च का बोझ कम होगा और नगर निगम को स्थायी आमदनी का जरिया मिलेगा। उन्होंने प्रशासन से इस प्रस्ताव पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की है। मेयर ने कहा, “जब पब्लिक की संपत्ति खाली पड़ी है, तो उसे बेकार क्यों छोड़ें? अब वक्त है हर खाली जगह को शहर की तरक्की का जरिया बनाने का।
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