नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स डिफाल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम ने कमर्शियल श्रेणी के टैक्स बकायेदारों को प्रॉपर्टी अटैचमेंट के नोटिस भेजने शुरू कर दिए हैं, जबकि रिहायशी संपत्तियों के बकायेदारों के पानी और सीवरेज कनेक्शन काटने की तैयारी की जा रही है। एक हजार से अधिक डिफाल्टरों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और तीन हजार से अधिक अन्य बकायेदारों की सूची तैयार कर ली गई है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में निगम का स्टाफ विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य में व्यस्त है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही नोटिस जारी करने और कार्रवाई की रफ्तार बढ़ाई जाएगी। सभी वार्डों के प्रॉपर्टी टैक्स डिफाल्टरों की सूची तैयार कर ली गई है, जिसके आधार पर चरणबद्ध कार्रवाई की जाएगी। 20% छूट के बाद अब जुर्माना और ब्याज नगर निगम ने अप्रैल से जून तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा करने पर 20 प्रतिशत तक की छूट दी थी। इसके बावजूद जिन संपत्ति मालिकों ने टैक्स जमा नहीं कराया, उनके खिलाफ अब पंजाब नगर निगम अधिनियम और प्रॉपर्टी टैक्स उपविधियों के तहत कार्रवाई की जा रही है। छूट अवधि समाप्त होने के बाद बकाया राशि पर 25 प्रतिशत जुर्माना और 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी लागू हो चुका है। 66 करोड़ रुपये का टैक्स जमा, आधे करदाता अब भी बकायेदार नगर निगम के अनुसार, इस साल में अब तक 66 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स जमा हुआ है। जून के अंत तक 76,344 करदाता टैक्स जमा कर चुके हैं। नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक शहर में करीब 1.50 लाख प्रॉपर्टी टैक्सदाता हैं। इनमें लगभग 1.20 लाख रिहायशी और 30 हजार व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं। ऐसे में अभी भी करीब आधे करदाताओं ने प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं कराया है। टैक्स जमा नहीं करने वालों को नोटिस भेजे जा रहे ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. इंद्रजीत ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करने वालों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। टैक्स डिफाल्टरों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी करदाताओं से जल्द से जल्द बकाया टैक्स जमा करने की अपील की है, ताकि कानूनी कार्रवाई, जुर्माने और ब्याज से बचा जा सके।
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