प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोलने वाली फेमस राइटर मधु किश्वर पर चंडीगढ़ में दर्ज केस में आज पुलिस स्टेशन 26 में जांच में शामिल हो सकती है। चंडीगढ़ पुलिस ने मंगलवार को दिल्ली में राइटर मधु किश्वर के दिल्ली घर में जाकर उन्हे जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया था। टीम में इंस्पेक्टर इरम रिजवी और इंस्पेक्टर सरित राय शामिल थीं। राइटर मधु किश्वर के मुताबिक, पुलिस टीम कल (20 अप्रैल) की रात को मेरे दफ्तर पहुंची। सिक्योरिटी गार्ड ने मुझे बताया कि कुल पांच पुलिसकर्मी, जिनमें दो महिला पुलिसकर्मी भी थीं, मेरे ऑफिस पहुंचे। मैं उस समय एक वीडियो रिकॉर्ड कर रही थी, इसलिए मैंने उन्हें कुछ देर इंतजार करने को कहा। हालांकि इतनी रात को पुलिस का आना अच्छे संकेत नहीं देता। दरअसल मधु किश्वर समेत अन्य लोगों पर चंडीगढ़ के सेक्टर-26 थाने में 20 अप्रैल को ही एक शिकायत पर FIR दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया कि कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने एक वीडियो को गलत पहचान के साथ वायरल किया और उसमें अश्लील व भ्रामक शब्द जोड़कर पेश किया। इससे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की छवि खराब करने की कोशिश की गई और समाज में भ्रम फैलाया गया। चंडीगढ़ पुलिस रात में दिल्ली पहुंची दिल्ली में मधु किश्वर के दफ्तर में उनके और पुलिस अधिकारियों के बीच बात हुई। इस दौरान मधु किश्वर ने कहा कि न उनकी तरफ से कोई दुर्भावना थी और न दूसरी तरफ से। उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस से पूछा कि क्या वह स्थानीय पुलिस के साथ नहीं आई हैं? इस पर चंडीगढ़ से आई महिला पुलिस अधिकारी ने बताया कि उनकी टीम साथ आई है। मधु किश्वर ने इस टीम को कानून का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं के घर पर सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले पुलिस न तो आ सकती है और न ही उन्हें अरेस्ट कर सकती है। उन्होंने इस मुद्दे पर पुलिस टीम के सीनियर अधिकारी से भी बात की तो उसने बताया कि ये टीम चंडीगढ़ में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के संबंध में सिर्फ नोटिस देने आई है। इस पर उन्होंने कहा कि कानून का पालन करते हुए दिन में आना चाहिए। मधु किश्वर के मुताबिक, दोनों पक्षों ने शालीनता और शिष्टाचार बनाए रखा। जैसे ही उन्हें एफआईआर की कॉपी मिलेगी, वह चंडीगढ़ में दर्ज इस केस का पूरा विवरण साझा करेंगी। 3 पॉइंट में जानिए पूरा मामला भ्रामक पोस्ट-क्लिप शेयर की जा रही, गलत पहचान बता रहे: सेक्टर-26 थाने में कल शिकायत दर्ज हुई थी। जिसमें चंडीगढ़ एक निवासी एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि कुछ फर्जी और भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट एवं वीडियो क्लिप, जिनमें अश्लील शब्द और सामग्री शामिल है, विभिन्न सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा प्रसारित किए जा रहे हैं। इन पोस्ट्स में वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की गलत पहचान बताई जा रही है। अश्लील शब्द यूज किए, नुकसान पहुंचाने का मकसद: शिकायतकर्ता के अनुसार, यह जानबूझकर किया गया कृत्य है, जिसमें अश्लील शब्दों और वाक्यांशों का उपयोग करते हुए झूठे इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार किए गए हैं। आरोप है कि संबंधित लोगों को यह जानकारी थी या उन्हें विश्वास करने का पर्याप्त कारण था कि ये पोस्ट भ्रामक और झूठे हैं, और इनका उद्देश्य नुकसान पहुंचाना या किसी को क्षति पहुंचाना है। महिला के पति, वीडियो वाली महिला का बयान दर्ज किया: पुलिस ने जांच के दौरान उसके पति और वीडियो में मौजूद एक अन्य महिला के बयान भी दर्ज किए गए हैं। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 196, 318, 336(1), 336(3), 336(4), 340, 353, 356 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धाराएं 66C, 66D और 67 के तहत मधु किश्वर और अन्य के खिलाफ, शिकायत में उल्लिखित सोशल मीडिया हैंडल्स के आधार पर, थाना सेक्टर-26 में मामला दर्ज किया है।
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