चंडीगढ़ के मनीमाजरा में नगर निगम कर्मचारी कृष्ण कुमार (27 वर्षीय) की हत्या मोबाइल चोरी के शक में कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बाप-बेटा और एक अन्य व्यक्ति शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनु रजक, उसके बेटे सनी उर्फ देव कुमार और धनिक कुमार शाह के रूप में हुई है। सभी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। यह लोग मनीमाजरा के पास झुग्गियों में रह रहे थे और पीडब्ल्यूडी विभाग में लेबर का काम करते हैं। मनीमाजरा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले, लेकिन कोई संदिग्ध गतिविधि नजर नहीं आई। इसके बाद पास की झुग्गियों में रहने वालों से पूछताछ शुरू की गई। पूछताछ में बयान अलग-अलग पुलिस ने मनु रजक, सनी उर्फ देव कुमार और धनिक कुमार शाह को पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन तीनों के बयान अलग-अलग थे जिससे शक गहरा गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि कृष्ण कुमार उनके पास आता-जाता था। उनके दो मोबाइल फोन गायब हो गए थे, जिस पर उन्हें शक था कि उसने ही चोरी की है। कहासुनी के बाद मारपीट हुई उन्होंने कृष्ण कुमार को बुलाया, लेकिन वह आरोप मानने को तैयार नहीं हुआ। इसी दौरान कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। आरोपियों ने बेल्ट से उसका गला दबा दिया। जब कृष्ण कुमार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, तो उन्हें लगा कि उसकी मौत हो गई है। इसके बाद वे उसे घसीटकर पास के जंगल में फेंक आए। शरीर पर नहीं थे कपडे़ मृतक कृष्ण कुमार के भाई आनंद ने बताया कि कृष्ण कुमार रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे ड्यूटी पर गया था। उसकी ड्यूटी शाम 4 बजे खत्म हो जाती थी, लेकिन उस दिन ड्यूटी खत्म होने के बाद भी वह घर वापस नहीं लौटा, जिससे परिवार चिंतित हो गया। आनंद के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे पुलिस की ओर से उन्हें सूचना मिली कि उनके भाई का शव मनीमाजरा के पास कलग्राम क्षेत्र के जंगल में, रोड विंग के ऑफिस से करीब 20 किलोमीटर दूर मिला है। सूचना मिलते ही परिवार मौके पर पहुंचा, जहां उन्होंने देखा कि कृष्ण कुमार का शव नग्न अवस्था में पड़ा था। परिवार ने इस घटना को संदिग्ध बताया था। वहीं पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच की। आसपास के इलाकों की तलाशी, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों को पकड़ लिया।
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