चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड को हटाने की समय सीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है। यूटी प्रशासन ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट को बताया है कि अब यह काम मई के पहले सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। इससे पहले प्रशासन ने दावा किया था कि डंपिंग ग्राउंड अप्रैल के पहले सप्ताह तक पूरी तरह साफ कर दिया जाएगा। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान प्रशासन की ओर से कहा गया कि बेमौसम बारिश के कारण डंपिंग ग्राउंड हटाने के काम में देरी हुई है, इसलिए अब नई समय सीमा मई के पहले सप्ताह तक तय की गई है। दस्तावेजों में गड़बड़ी के आरोप सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता अधिवक्ता अमित शर्मा ने अदालत में एक आवेदन पेश किया, जिसमें दस्तावेजों में कथित हेराफेरी और गलत जानकारी देने के आरोप लगाए गए। आवेदन में कहा गया कि कोर्ट में पेश किए गए कुछ दस्तावेजों में बदलाव किए गए हैं और पहले दाखिल की गई परियोजना रिपोर्ट में भी विसंगतियां हैं। याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि प्रशासन और नगर निगम की ओर से समय-समय पर दाखिल किए गए दस्तावेजों में अंतर पाया गया है, जिसे रिकॉर्ड के आधार पर तालिका के रूप में अदालत के सामने रखा गया है। नई डंपिंग नहीं हो रही, सिर्फ पुराना कचरा हटाना बाकी यूटी प्रशासन की ओर से वरिष्ठ स्थायी अधिवक्ता अमित झांजी ने अदालत को बताया कि डड्डूमाजरा में अब नया कचरा नहीं डाला जा रहा है और केवल पुराना कचरा हटाने का काम बाकी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को मिले निर्देशों के अनुसार अब यह काम मई के पहले सप्ताह तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पहले 30 अप्रैल तक काम पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन मौसम की रुकावटों को देखते हुए अतिरिक्त समय रखा गया है। दस्तावेजों की जांच के बाद अगली सुनवाई चीफ जस्टिस शील नागू ने कहा कि अदालत में झूठे दस्तावेज पेश करने और गलत हलफनामा देने के आरोप गंभीर हैं और इनकी उचित जांच जरूरी है। अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता की ओर से दाखिल आवेदन की प्रति सभी पक्षों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि मामले पर आगे सुनवाई की जा सके। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई मई के पहले सप्ताह में तय की है। लंबे समय से चल रहा डंपिंग ग्राउंड का मामला डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। स्थानीय लोग लगातार कचरे के पहाड़, बदबू और प्रदूषण की शिकायत करते रहे हैं। इसी को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी, जिस पर अदालत प्रशासन से लगातार जवाब मांग रही है। अब प्रशासन ने मई के पहले सप्ताह तक डंपिंग ग्राउंड साफ करने का आश्वासन दिया है, लेकिन बार-बार समय सीमा बढ़ने से सवाल भी खड़े हो रहे हैं।
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