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चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड की जमीनी हकीकत को उजागर करती हाईकोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट ने नगर निगम और प्रशासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष कमिश्नर एडवोकेट तनू बेदी ने मौके का निरीक्षण करने के बाद अदालत में पांच पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें डंपिंग ग्राउंड के आसपास रहने वाले लोगों की हालत को नरकीय बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य प्रवेश द्वार पर सफाई और बदबू नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए गए थे, लेकिन जैसे ही निरीक्षण टीम डंपिंग ग्राउंड के अंदर पहुंची, वहां की वास्तविक स्थिति सामने आ गई। कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यहां रहने वाले लोग पूरे शहर के कचरे का बोझ उठाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी सेहत और सम्मानजनक जीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं। डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड की हकीकत:- ड्रोन फुटेज ने खोली असलियत निरीक्षण के दौरान यूटी प्रशासन की ओर से ड्रोन की व्यवस्था भी की गई थी। ड्रोन से रिकॉर्ड किए गए हवाई वीडियो में डंपिंग ग्राउंड की पूरी तस्वीर सामने आई। फुटेज में दिखाई दिया कि सामने का हिस्सा अपेक्षाकृत व्यवस्थित और उपचारित नजर आता है, जबकि पीछे का बड़ा क्षेत्र अब भी कचरे के विशाल ढेरों से भरा हुआ है। इससे यह भी स्पष्ट हुआ कि केवल सामने के हिस्से को व्यवस्थित दिखाकर पूरे डंपिंग ग्राउंड की वास्तविक स्थिति को नहीं समझा जा सकता। अब 16 जुलाई को होगी सुनवाई दादूमाजरा डंपिंग ग्राउंड से जुड़े इस मामले पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट अब 16 जुलाई को अगली सुनवाई करेगा। अदालत में पेश की गई इस रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन और नगर निगम से जवाब भी मांगा जा सकता है।
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चंडीगढ़ डंपिंग ग्राउंड पर हाईकोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट में खुलासा:गेट पर परफ्यूम से छिपाई बदबू, अंदर मिला 20 मीटर ऊंचा कचरे का पहाड़







