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करनाल जिले में बढ़ते प्रदूषण और धूल की समस्या से निपटने के लिए घरौंडा नगर पालिका को एंटी-स्मॉग गन मशीन उपलब्ध करवाई गई है। यह मशीन खासतौर पर ग्रेप-4 के दौरान उपयोग में लाई जाएगी। मशीन हवा में मौजूद सूक्ष्म धूल कणों को नीचे बैठाने का काम करती है, जिससे स्मॉग और प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद मिलती है। इस सुविधा से शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। नगर पालिका सचिव रविप्रकाश शर्मा ने बताया कि एंटी-स्मॉग गन एक हाई प्रेशर वाटर कैनन होती है। यह पानी को बेहद बारीक बूंदों में बदलकर हवा में छोड़ती है। ये बूंदें हवा में मौजूद पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे खतरनाक कणों को सोख लेती हैं, पीएम यानी पार्टिकुलेट मैटर (कणीय पदार्थ) होते है। ये हवा में तैरने वाले बहुत छोटे-छोटे धूल, धुआं, राख और केमिकल के कण होते हैं। कैनन से निकलने वाली बूंदे इन कणो को भारी बनाकर जमीन पर गिरा देती हैं। इससे हवा साफ होती है और स्मॉग का असर कम होता है। ट्रैक्टर के साथ जोड़ी जाएगी मशीन उन्होंने बताया कि नगरपालिका को मिली मशीन की क्षमता करीब एक हजार लीटर है। इसे ट्रैक्टर के साथ जोड़कर चलाया जाएगा। आमतौर पर ऐसी मशीनें ट्रकों पर लगाई जाती हैं और बड़े क्षेत्रों में छिड़काव के लिए उपयोग होती हैं। इसके अलावा निर्माण स्थलों, सड़कों और अधिक प्रदूषित इलाकों में भी इनका इस्तेमाल किया जाता है। ग्रेप-4 लागू होने पर होगा इस्तेमाल रविप्रकाश शर्मा ने कहा कि फिलहाल मशीन को तैयार रखा गया है। जैसे ही शहर में ग्रेप-4 लागू होगा और प्रदूषण का स्तर बढ़ेगा, इसे मैदान में उतार दिया जाएगा। यह मशीन प्रदूषण विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई गई है, जिस पर करीब 7 लाख रुपए खर्च किए गए हैं। इससे शहर में प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
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घरौंडा नगर पालिका को मिली एंटी-स्मॉग गन:प्रदूषण नियंत्रण के लिए ₹7 लाख की मशीन, ग्रेप-4 में होगा उपयोग







