पानीपत जिले के समालखा में हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) के एक प्रतिनिधि मंडल ने नायब तहसीलदार कैलाश चंद से मुलाकात की। उन्होंने जनगणना-2027 के तहत प्राध्यापकों की ड्यूटी से संबंधित समस्याओं को लेकर एक मांग पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में हसला के प्रदेश प्रेस सचिव अजीत चंदेलिया, ब्लॉक प्रधान संदीप के साथ रीना, प्रवीण चंदेलिया, नीलम और सुमन शामिल थे। हसला पदाधिकारियों ने बताया कि समालखा ब्लॉक में ग्रुप ‘बी’ के राजपत्रित प्राध्यापकों को प्रगणक (एन्यूमरेटर) के रूप में ग्रुप सी के कर्मचारियों के अधीन ड्यूटी दी जा रही है। एसोसिएशन ने इसे सेवा नियमों का उल्लंघन बताया। कम अनुभवी टीचरों को बनाया गया सुपरवाइजर उन्होंने यह भी कहा कि 15-20 वर्ष के अनुभवी प्राध्यापकों को प्रगणक बनाया जा रहा है, जबकि कम अनुभवी शिक्षकों को सुपरवाइजर की जिम्मेदारी दी गई है। इससे प्राध्यापकों का मनोबल प्रभावित हो रहा है और कई स्कूलों में शिक्षण कार्य भी बाधित हो रहा है। मांगपत्र में हसला ने कई प्रमुख मांगें रखीं। जिनमें प्राध्यापकों की प्रगणक ड्यूटी तुरंत हटाने, ग्रुप सी के अधीन दी गई ड्यूटी समाप्त करने और सुपरवाइजर ड्यूटी को अनुभव व वरिष्ठता के आधार पर निर्धारित करने की मांग शामिल है। बीमार कर्मचारियों को ड्यूटी में छूट की मांग इसके अतिरिक्त, एसोसिएशन ने दिव्यांग, गर्भवती और बीमार कर्मचारियों को ड्यूटी से छूट देने, गर्मी के मौसम में कार्य समय को लचीला बनाने और किसी भी स्कूल के 50 प्रतिशत से अधिक स्टाफ को जनगणना कार्य में न लगाने की मांग की। नायब तहसीलदार कैलाश चंद ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। हसला पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
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ग्रुप सी के अधीन ड्यूटी दिए जाने से लेक्चरर नाराज:समालखा नायब तहसीलदार से की मुलाकात, बोले- अनुभव के आधार पर लगाई जाए जनगणना में ड्यूटी
