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गोहाना में दहेज प्रथा उन्मूलन पर जागरूकता कार्यक्रम:बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर चर्चा, सीडीपीओ बोलीं- बेटियों को दें समान अवसर




सोनीपत जिले के गोहाना क्षेत्र के गांव गढ़ी उजाले खां में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से दहेज प्रथा उन्मूलन और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) सुशीला देवी ने की। कार्यक्रम में सर्कल सुपरवाइजर इंद्रावती के साथ-साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मीना, मंजू और सुमन भी उपस्थित रहीं। उपस्थित ग्रामीण महिलाओं और अन्य लोगों को दहेज प्रथा के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि दहेज लेना और देना कानूनी अपराध होने के साथ-साथ एक गंभीर सामाजिक बुराई भी है। विवाह को लेन-देन का माध्यम से न बनाने का आह्वान कार्यक्रम में सभी से आह्वान किया गया कि विवाह को लेन-देन का माध्यम न बनाएं और दहेज मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग दें। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के उद्देश्यों पर भी प्रकाश डाला गया। उपस्थित लोगों को बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के महत्व से अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त, बाल विवाह रोकने संबंधी जानकारी भी दी गई। बताया गया कि लड़कियों का विवाह 18 वर्ष और लड़कों का विवाह 21 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद ही किया जाना चाहिए। बेटियों को समान अवसर प्रदान करना सभी की जिम्मेदारी : सीडीपीओ सीडीपीओ सुशीला देवी ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में बेटियों को समान अवसर प्रदान करना और दहेज जैसी कुप्रथा का पूरी तरह बहिष्कार करना प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। सर्कल सुपरवाइजर इंद्रावती ने उपस्थित महिलाओं से अपने परिवार और समाज में दहेज मुक्त विवाह को बढ़ावा देने तथा बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दहेज प्रथा का विरोध करने, बाल विवाह पर रोक लगाने और बेटियों की शिक्षा व सम्मान को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया।



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