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उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में अभिभावक महंगी किताबों और फीस के विरोध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख रहे हैं। यह अभियान राष्ट्रीय छात्र पंचायत द्वारा चलाया जा रहा है, जिसमें अभिभावकों से गांव-गांव जाकर पत्र लिखवाए जा रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य राज्य में फीस रेगुलेशन बिल लागू करवाना है। राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय और उनकी टीम अभिभावकों से यह मांग करवा रही है कि फीस, महंगी किताबों और ड्रेस के नाम पर हो रहे आर्थिक बोझ को रोका जाए। उनका कहना है कि इससे गरीब परिवारों के बच्चे भी अच्छे स्कूलों में पढ़ाई कर सकेंगे। अभिभावकों ने यह भी मांग की है कि जिन लोगों ने महंगी किताबें खरीदी हैं, उनकी जिम्मेदारी तय कर सरकार द्वारा कार्रवाई की जाए। इस अभियान के तहत स्कूली बच्चों से भी जानकारी ली जा रही है, जिनके अभिभावकों को महंगी किताबें खरीदने और फीस चुकाने में कठिनाई होती है। शिवम पांडेय ने बताया कि यह अभियान पिछले 18 दिनों से लगातार चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्कूल हर साल किताबें बदलते हैं और फीस व ड्रेस के नाम पर अभिभावकों पर आर्थिक दबाव डालते हैं। शिवम पांडेय ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द फीस रेगुलेशन बिल बनाना चाहिए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश के अधिकांश अभिभावक इस समस्या से प्रभावित हैं और इस पर तत्काल कानून बनाने की आवश्यकता है। दरअसल आपको बता दें कि फीस रेगुलेशन बिल को लेकर कि इससे पहले भी राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ता और पदाधिकारी अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार इन लोगों की मांगे मानने को तैयार रही है ना ही अभी तक इन लोगों की मांग पर सरकार द्वारा कोई अमल किया गया है। दरअसल आपको बता दें कि फीस रेगुलेशन बिल को लेकर कि इससे पहले भी राष्ट्रीय छात्र पंचायत के कार्यकर्ता और पदाधिकारी अलग-अलग तरीके से विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार इन लोगों की मांगे मानने को तैयार रही है ना ही अभी तक इन लोगों की मांग पर सरकार द्वारा कोई अमल किया गया है।
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गोंडा में महंगी फीस और किताबों के खिलाफ अभियान:CM योगी को भेजे जा रहे पत्र,छात्र पंचायत का आंदोलन, फीस रेगुलेशन की मांग







