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गवर्नर बोले-पाकिस्तान नशा भेज जवानी कर रहा बर्बाद:चंडीगढ़ में नशा विरोधी दिवस पर पहुंचे कटारिया; कहा-पुलिस बड़ी मछलियों पर करे एक्शन




अंतरराष्ट्रीय नशा दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर शनिवार को चंडीगढ़ नगर निगम में विशेष सदन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब में बढ़ते नशे के संकट पर चिंता जताते हुए पाकिस्तान और ड्रग माफिया पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस पंजाब ने देश को सबसे अधिक सैनिक, शहीद और खिलाड़ी दिए, वही आज नशे की समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने नशे के कारोबार के खिलाफ समाज और प्रशासन को मिलकर लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। बॉर्डर पर माताओं की पीड़ा देखकर मन दहल गया: कटारिया प्रशासक कटारिया ने अपने सीमावर्ती जिलों के दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि जब वे पंजाब के सीमा क्षेत्रों में गांव-गांव पहुंचे तो वहां माताएं और बहनें हाथ जोड़कर उनसे अपने बच्चों को नशे से बचाने की गुहार लगाने लगीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं ने मुझसे कहा कि विकास बाद में कर लेना, पहले हमारे बच्चों को नशे से बचा लो। कई माताओं ने बताया कि नशे की लत के कारण उनके बच्चे घर का सामान बेच देते हैं और परिवार पर हाथ तक उठा देते हैं। यह दर्द देखकर मन विचलित हो गया। सीधी लड़ाई में हारने के बाद पाकिस्तान ने चुना नया रास्ता कटारिया ने कहा कि पाकिस्तान अब सीधे युद्ध में भारत का मुकाबला नहीं कर सकता, इसलिए वह पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे के जरिए कमजोर करने की साजिश रच रहा है। सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के बाद पाकिस्तान ने ड्रोन के जरिए नशे की खेप भेजनी शुरू कर दी है और लगातार नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पाकिस्तान ड्रोन बदल-बदलकर नशा भेज रहा है, लेकिन यह नशा यहां तब तक नहीं बिक सकता जब तक उसे उठाने और बेचने वाले हमारे बीच मौजूद लोग न हों। कुछ लोग थोड़े से पैसे के लिए देश के भविष्य को बर्बाद कर रहे हैं। पुलिस से अपील: छोटे बच्चों को नहीं, ड्रग माफिया के सरगनाओं को पकड़ें प्रशासक ने पुलिस और कानून लागू करने वाली एजेंसियों से अपील करते हुए कहा कि नशे की सप्लाई चेन में शामिल कई युवा केवल मजबूरी और आर्थिक परिस्थितियों के कारण इसमें फंस जाते हैं। उन्होंने कहा कि जो छोटे बच्चे पकड़े जाते हैं, उनमें से कई सिर्फ कैरियर का काम करते हैं। उन्हें अपराधी बनाकर उनका भविष्य खराब करने की बजाय सुधारने का प्रयास होना चाहिए। असली लड़ाई उन लोगों के खिलाफ होनी चाहिए जो इस कारोबार के बड़े खिलाड़ी और सरगना हैं। जब तक बड़ी मछलियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक नशे की समस्या खत्म नहीं हो सकती।



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