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कुरुक्षेत्र में जुटेंगी 200 से ज्यादा खाप पंचायतें:देसी घी के भोजन से स्वागत, सामाजिक बुराइयों पर मंथन, सुझाव के बाद कल लेंगे फैसला




हरियाणा के कुरुक्षेत्र की अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला में चल रहे तीन दिवसीय उत्तर भारत सर्वखाप महापंचायत चिंतन शिविर के दूसरे दिन शनिवार को सामाजिक मुद्दों पर बड़ी चर्चा होगी। शिविर में हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश की 200 से ज्यादा खाप पंचायतों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। शिविर में सबसे ज्यादा चर्चा उन मुद्दों पर हो रही है, जिन्हें खाप पंचायतें समाज और परिवार के लिए चुनौती मानती हैं। इनमें युवाओं में बढ़ता नशा, सामाजिक बुराइयां, लिव-इन रिलेशनशिप, लव मैरिज और एक गांव-एक गोत्र विवाह जैसे विषय प्रमुख हैं। बदलते माहौल में पारिवारिक व सामाजिक ढांचे को मजबूत बनाए रखने के लिए खाप पंचायतों को एक मंच पर बुलाया गया है। दो स्तरों पर चल रही चर्चा चिंतन शिविर में चर्चा का फोकस दो प्रमुख बिंदुओं पर रखा गया है। पहला, समाज के भीतर बढ़ रही सामाजिक बुराइयों और युवाओं के भटकाव को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएं। दूसरा, ऐसे कानूनों और सामाजिक व्यवस्थाओं पर विचार करना, जिनका सीधा असर परिवार और समाज पर पड़ रहा है। तीसरे दिन पारित हो सकते हैं प्रस्ताव शिविर में आए प्रतिनिधियों के सुझावों और चर्चाओं के आधार पर अंतिम दिन कई प्रस्ताव पारित किए जा सकते हैं। इन प्रस्तावों में सामाजिक सुधार, नशामुक्ति अभियान, पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने से जुड़े मुद्दे शामिल हो सकते हैं। रात को सांस्कृतिक संध्या में सामाजिक संदेश चिंतन शिविर के दौरान शनिवार रात 8:30 बजे से 10 बजे तक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसमें हरियाणा की लोक संस्कृति से जुड़े नाटक, गीत और सांग प्रस्तुत किए जाएंगे। कलाकार सामाजिक बुराइयों, नशे के बढ़ते प्रभाव, पारिवारिक मूल्यों और युवाओं की जिम्मेदारियों जैसे विषयों पर जागरूकता संदेश देंगे। देसी भोजन परोसा जा रहा
शिविर में पहुंचने वाले प्रतिनिधियों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला में की गई है। आयोजकों की ओर से मेहमानों के लिए पारंपरिक देसी खानपान की विशेष व्यवस्था की गई है। सुबह नाश्ते में देसी घी के परांठे, दही और ड्राई फ्रूट्स वाला चूरमा परोसा जा रहा है। दोपहर के भोजन में लस्सी, खीर, मटर पनीर और खिचड़ी शामिल है। वहीं रात के भोजन के बाद दूध के साथ देसी घी से बनी गुड़ की बर्फी दी जा रही है।



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