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पर्ल्स ग्रुप से जुड़े जमीन की रजिस्ट्री करने के केस में हरियाणा एंटी करॅप्शन ब्यूरो ने तहसीलदार विक्रम सिंगला को एक बार फिर गिरफ्तार किया है। विजिलेंस टीम ने उनका सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया। उन्हें कोर्ट में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। जांच में सामने आया कि पर्ल ग्रुप धोखाधड़ी के शिकार निवेशकों के पैसे लौटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित लोढ़ा और सेन कमेटियों द्वारा संपत्तियां अटैच की गई थीं। तहसील रायपुर रानी के राजस्व रिकॉर्ड में वर्ष 2016 और 2019 में ही इस जमीन की बिक्री व ट्रांसफर पर पूर्ण प्रतिबंध की रपट दर्ज कर दी गई थी। आरोपियों ने आपस में मिलीभगत कर फर्जीवाड़े का खेल रचा: SDM और शिकायतकर्ता के चेताने के बावजूद किया खेल मामले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एसडीएम पंचकूला ने इस तरह के साधारण प्रार्थना पत्रों पर गलत तरीके से आदेश देने को लेकर तहसीलदार से स्पष्टीकरण भी मांगा था। इसके अलावा, हिसार निवासी शिकायतकर्ता मंदीप काजला ने भी अधिकारियों को पर्ल ग्रुप की जमीन न बेचने का अनुरोध किया था। लेकिन आरोपी अधिकारियों ने भारी मुनाफे के चक्कर में इन चेतावनियों को दरकिनार कर पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया। पहले भी हो चुके गिरफ्तार
31 जनवरी को विजिलेंस ब्यूरो ने उन्हें चंडीगढ़ स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। बाद में अदालत से उन्हें जमानत मिल गई थी और वह बाहर थे। अब जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर विजिलेंस ने दोबारा उन्हें हिरासत में लिया है।
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पंचकूला ACB ने फिर अरेस्ट किया तहसीलदार विक्रम सिंगला:पर्ल्स ग्रुप से जुड़ी जमीन का मामला, गलत रपट और तस्दीक से रचा रजिस्ट्री का खेल







