हरियाणा के झज्जर में कामिल और इरशाद की अर्धनग्न लाशें मिलने के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दोनों की गोली मारकर हत्या की पुष्टि हुई है। कामिल ने 2 करोड़ रुपए में एक मकान भी बेचा था। पुलिस अब प्रॉपर्टी डिलिंग से मर्डर को जोड़कर जांच कर रही है। इधर, इरशाद के भाई हकीकत का कहना है- दोनों राजस्थान में इकट्ठे रहते थे। वहां से PG बेचने के बाद दोनों नीमराना में प्रॉपर्टी डिलिंग का काम करते थे। पीजी में सतीश (मेरठ) और सिकंदर (बागपत) साफ-सफाई का काम करते थे। कामिल और इरशाद की हत्या के बाद दोनों का कहना था- उन्हें कामिल और इरशाद के गायब होने के बारे में कुछ नहीं पता। जबकि 6 जुलाई को सतीश ने फोन कर कामिल और इरशाद के के एक्सीडेंट की सूचना दी थी। वहीं कामिल का परिवार लंबे समय से भारतीय किसान यूनियन से जुड़ा था। वह खुद भी परिवार के साथ कई किसान आंदोलन में हिस्सा ले चुके थे। पुलिस अब कामिल की स्कॉर्पियो की तलाश में जुटी है। सतीश और सिकंदर से भी पूछताछ की जा सकती है। भाई ने बताई गायब होने की पूरी कहानी 4 जुलाई को कामिल और इरशाद ब्लैक स्कॉर्पियो से नीमराना के लिए निकले थे। 6 जुलाई की तड़के झज्जर में गुरुग्राम रोड पर सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के सामने दोनों की अर्धनग्न डेडबॉडी मिली। दोनों के शव एक-दूसरे के ऊपर पड़े थे। कामिल के सिर में गोलियों के निशान थे, जबकि इरशाद की पीठ पर भी गोली का निशान था। इसके अलावा दोनों के शरीर पर पिटाई के भी निशान थे। कामिल (50) के पीजी में मुंशी का काम करने वाले इरशाद (40) के भाई हकीकत ने बताया- कामिल और इरशाद नीमराना में पीजी चलाते थे। इसी पीजी में सतीश और सिकंदर रहते थे। कामिल के गायब होने के बाद इन्होंने कोई सूचना नहीं दी। जब पूछताछ की गई तो उनका एक्सीडेंट की बात कहने लगे। कामिल का कहना है कि उन्होंने झज्जर सदर थाना एसएचओ परमजीत सिंह से भी सतीश और सिकंदर से पूछताछ करने के लिए कहा है। उन्हें शक है कि इरशाद और कामिल के गायब होने के पीछे दोनों की संलिप्ता है। पुलिस अब परिजनों के बयान के आधार पर जांच कर रही है। 2 करोड़ में मकान बेचा, इसके बाद PG भी बिका हकीकत के मुताबिक, कामिल ने करीब 12 साल पहले मेरठ में एक मकान बनाया था, जिसे करीब दो महीने पहले 2 करोड़ रुपए में बेच दिया। वहीं, नीमराना का पीजी बेचने के बाद भी दोनों प्रॉपर्टी डिलिंग का काम करते थे। कामिल के बेटे तारीफ का कहना है कि पिता गांव (मुजफ्फरनगर का जौला) से स्कॉर्पियो लेकर गए थे। इरशाद भी गाड़ी में ही था। इसके बाद दोनों नीमराना पहुंचे। अब पिता की स्कॉर्पियो गायब है। आशंका है कि उनका मर्डर कर स्कॉर्पियो को भी लूट लिया गया। रात में दफ्न किए गए शव रात करीब 9 बजे उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के गांव जोला में कामिल और इरशाद को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। कब्रिस्तान में गांव के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इसके पहले पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन करीब शाम 6 बजे मुजफ्फरनगर पहुंचे। एक के सिर, दूसरे की कमर से निकली गोलियां पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, कामिल के सिर में गोली मारी गई, जबकि इरसाद की पीठ और कान के पीछे गोली लगी थी। पुलिस का कहना है कि दोनों का प्लानिंग कर मर्डर किया गया है। SHO परमजीत का कहना है कि पुलिस अब लापता स्कॉर्पियो, साथ रहने वाले युवकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। —————- यह खबर भी पढ़ें… सिर-कमर में गोलियां मारकर झज्जर फेंके थे दोनों शव: पहचान मिटाने के लिए चेहरे पर वार, जलाने की कोशिश; 2 करोड़ का प्लॉट बेचा था झज्जर में सहवाग इंटरनेशनल स्कूल के सामने झाड़ियों में मिली 2 लाशों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि सबूत मिटाने के लिए शवों को सुनसान जगह पर फेंका गया था। (पूरी खबर पढ़ें)
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किसान यूनियन से जुड़ा था कामिल, साथी संग मर्डर हुआ:झज्जर पुलिस गायब साथियों, स्कॉर्पियो की तलाश में जुटी; गोली मारकर झाड़ियों में फेंके थे शव
