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करनाल के कुंजपुरा स्थित एफसीआई गोदाम में गेहूं के नुकसान के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। विभागीय जांच में यह साफ हो गया है कि नुकसान की जिम्मेदारी तय कर संबंधित अधिकारियों से ही वसूली की जाएगी। पहले जहां जांच अधूरी मानी जा रही थी, वहीं अब गोदाम के अंदर रखे गेहूं की कमी सामने आने के बाद नुकसान का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है। जिम्मेदारी तय, अब होगी सीधी रिकवरी
प्राथमिक जांच के आधार पर विभाग ने यह तय कर लिया है कि जिस अधिकारी के कार्यकाल में जितना गेहूं गायब या खराब हुआ, उसकी भरपाई उसी अधिकारी से कराई जाएगी। डीएफएससी मुकेश कुमार ने दो अधिकारियों के नाम और उनके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश मुख्यालय को भेज दी है। अंतिम आंकड़ा सामने आने के बाद रिकवरी की प्रक्रिया शुरू होगी। पहले जांच में हुई बड़ी चूक
मामले में एक बड़ा खुलासा यह हुआ है कि करीब एक साल पहले गठित सरकारी जांच कमेटी ने गोदाम का निरीक्षण तो किया, लेकिन केवल खुले प्लेटफॉर्म पर रखे गेहूं की ही गिनती की गई। गोदाम के अंदर रखे स्टॉक को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। अब जब अंदर के स्टॉक की जांच शुरू हुई तो उसमें भी भारी कमी सामने आई है, जिससे पूरे मामले की गंभीरता बढ़ गई है। निरीक्षक अशोक शर्मा के कार्यकाल में कमी
डीएफएससी मुकेश कुमार के अनुसार, जब गोदाम की जिम्मेदारी निरीक्षक अशोक शर्मा के पास थी, उस दौरान जांच में करीब 4 हजार गेहूं के कट्टे कम पाए गए थे। इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और उन्हें निलंबित कर दिया गया था। निलंबन के दौरान ही वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अब विभाग ने तय किया है कि उस समय की कमी की रिकवरी अशोक शर्मा से ही की जाएगी। अंदर के स्टॉक की जांच में बढ़ी परेशानी
पहले सिर्फ खुले में रखे गेहूं की गिनती होने के कारण असली नुकसान का आकलन नहीं हो पाया था। अब गोदाम के अंदर रखे गेहूं की कमी सामने आने के बाद यह पता लगाया जा रहा है कि किस अधिकारी के कार्यकाल में कितना स्टॉक अंदर और बाहर था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि किस अधिकारी ने कितना गेहूं उठान कराया और किन बिलों पर हस्ताक्षर किए गए। अशोक कुमार की भूमिका भी आई सामने
जांच के दौरान अब तक अशोक कुमार की भूमिका भी सामने आई है। विभाग ने एफसीआई से भी जवाब मांगा है कि गेहूं उठान के दौरान किन अधिकारियों ने किन बिलों पर हस्ताक्षर किए। अगर जांच में एएफएसओ स्तर के अधिकारियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। एएफएसओ मुकेश गुप्ता पर भी सवाल
अशोक शर्मा के बाद गोदाम की जिम्मेदारी एएफएसओ मुकेश गुप्ता के पास रही। आरोप है कि उनके कार्यकाल में गेहूं के रखरखाव में लापरवाही बरती गई, जिससे बड़ी मात्रा में गेहूं खराब हो गया। विभाग ने साफ किया है कि खराब हुए गेहूं से हुए नुकसान की रिकवरी भी मुकेश गुप्ता से ही की जाएगी। 9500 कट्टों की दोबारा होगी तौल
अब विभाग ने गोदाम में बचे करीब 9500 गेहूं के कट्टों की दोबारा तौल कराने का फैसला लिया है। यह प्रक्रिया डीएफएससी विभाग की निगरानी में पूरी की जाएगी। तौल के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि वास्तविक स्टॉक कितना बचा है, कितना गेहूं खराब हो चुका है और कुल नुकसान कितना हुआ है। तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी कार्रवाई
डीएफएससी मुकेश कुमार का कहना है कि पूरी जांच तथ्यों के आधार पर की जा रही है। अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि किस अधिकारी से कितनी रिकवरी की जाएगी। अभी तक एक निलंबित और एक मौजूदा अधिकारी को जिम्मेदार माना गया है। विभाग की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जा रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तेज होगी।
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करनाल के एफसीआई गोदाम में गेहूं घोटाले पर सख्ती:अधिकारियों से होगी करोड़ों की रिकवरी,जांच में खुला नया राज: पहले सिर्फ खुले स्टॉक की गिनती







