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उकलाना में दूसरे दिन भी सीएम फ्लाइंग की रेड:उप-तहसील में रजिस्ट्रियों की जांच, कई घंटे तक खंगाला रिकॉर्ड, नगर पालिका से मांगी जानकारी




हिसार जिले की उकलाना उप-तहसील में जमीन की रजिस्ट्रियों में कथित अनियमितताओं और सरकारी राजस्व को संभावित नुकसान पहुंचाए जाने की शिकायतों की जांच को लेकर सीएम फ्लाइंग हिसार की टीम लगातार दूसरे दिन भी जांच में जुटी रही। मंगलवार को टीम ने कई घंटों तक तहसील कार्यालय में रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की। जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों एवं तथ्यों के सत्यापन के लिए नायब तहसीलदार तथा नगर पालिका उकलाना से अतिरिक्त रिकॉर्ड और विस्तृत जानकारी भी मांगी गई है। इस कार्रवाई का नेतृत्व सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने किया। उनके साथ ऑडिट विभाग के राजबीर सिंह, जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) कार्यालय के जूनियर इंजीनियर अमन, पटवारी शमशेर, एएसआई सुरेंद्र तथा हेड कांस्टेबल विजय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। 2023 में हुई रजिस्ट्रियों को लेकर शिकायत पर जांच जानकारी के अनुसार, सीएम फ्लाइंग टीम को शिकायत मिली थी कि उकलाना-नरवाना रोड पर स्थित खसरा नंबर 227 की भूमि, जहां पूर्व में कॉटन मिल संचालित होती थी, पर वर्ष 2022 में कथित रूप से अवैध कॉलोनी विकसित की गई। शिकायत के अनुसार उस समय जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग द्वारा कॉलोनी को लेकर कई नोटिस जारी किए गए थे तथा अवैध कॉलोनी विकसित करने के आरोप में पुलिस में मामला भी दर्ज कराया गया था। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में इसी भूमि को नगर पालिका के रिकॉर्ड में व्यावसायिक (कमर्शियल) संपत्ति के रूप में दर्शाया गया, जबकि सितंबर 2023 में उसी खसरा नंबर की भूमि की रजिस्ट्री गैर-मुमकिन बंजर/कृषि भूमि के रूप में लगभग 40 लाख रुपए प्रति एकड़ तथा कुछ हिस्सों की 16 लाख रुपए प्रति एकड़ की दर से कर दी गई। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इससे सरकार को राजस्व की हानि हुई हो सकती है। कलेक्टर रेट से कम मूल्य पर रजिस्ट्रियों के आरोप शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित भूमि का कुछ हिस्सा मुख्य मार्ग से लगभग दो एकड़ की सीमा में आता है, जहां सरकार द्वारा निर्धारित कलेक्टर रेट लगभग 8,280 रुपए प्रति वर्ग गज बताया गया है। इसके बावजूद कथित रूप से कुछ रजिस्ट्रियां लगभग 2,800 रुपए प्रति वर्ग गज की दर से कर दी गईं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यदि यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो इससे सरकार को भारी राजस्व हानि हुई हो सकती है। इसके अतिरिक्त शिकायत में यह भी उल्लेख है कि बाद में उक्त भूमि को रिहायशी कॉलोनी के रूप में विकसित कर बड़ी संख्या में प्लॉट काटे गए तथा नगर पालिका उकलाना द्वारा इन प्लॉटों की प्रॉपर्टी आईडी भी जारी कर दी गई। तहसील और नगर पालिका से मांगा विस्तृत रिकॉर्ड लगातार दूसरे दिन जांच के दौरान सीएम फ्लाइंग टीम ने वर्ष 2023 में हुई संबंधित रजिस्ट्रियों, राजस्व अभिलेखों तथा अन्य दस्तावेजों का विस्तार से परीक्षण किया। जांच के उपरांत टीम ने नायब तहसीलदार कार्यालय से उक्त रजिस्ट्रियों से संबंधित अतिरिक्त रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है। वहीं, नगर पालिका उकलाना से संबंधित भूमि की प्रॉपर्टी आईडी जारी करने, कॉलोनी से जुड़े अभिलेख, प्लॉटों की प्रॉपर्टी आईडी तथा अन्य स्वीकृतियों से संबंधित रिकॉर्ड भी मांगा गया है। तथ्यों के आधार पर होगी आगामी कार्रवाई : सुनैना सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने कहा कि टीम पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है और पिछले दो दिनों से संबंधित रिकॉर्ड का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के स्पष्ट निर्देश हैं कि सभी प्रकार की भूमि की रजिस्ट्रियां निर्धारित कलेक्टर रेट के अनुसार ही की जाएं। यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता या सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार संबंधित व्यक्तियों एवं अधिकारियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल वर्ष 2023 में खसरा नंबर 227 से संबंधित रजिस्ट्रियों, उसके बाद भूमि के उपयोग में हुए बदलाव, कॉलोनी विकसित किए जाने तथा प्लॉटों की बिक्री एवं प्रॉपर्टी आईडी जारी किए जाने से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।



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