करनाल में असंध क्षेत्र के गंगाटेहड़ी गांव के 24 वर्षीय युवक सुखविंद्र सिंह के शव को अमेरिका से भारत लाने की कवायद शुरू हो गई है। बीती 26 अप्रैल की रात टेक्सास में एक स्टोर में शॉर्ट सर्किट से आग लगने के कारण सुखविंद्र की मौत हो गई थी, अब उसका शव अमेरिका में है और परिवार की आर्थिक हालत कमजोर होने के चलते उसे भारत लाने के लिए ऑनलाइन फंड जुटाया जा रहा है, ताकि परिजन अंतिम दर्शन कर सकें। इसके लिए समाजसेवी रणबीर लोहान ने रात को लाइव आकर लोगों से परिवार के मदद की गुहार लगाई है। शॉर्ट सर्किट से लगी आग, बचने का नहीं मिला मौका
गंगाटेहड़ी गांव के सुखविंदर सिंह ढाई साल पहले बेहतर भविष्य की तलाश में अमेरिका गया था। 26 अप्रैल की रात वह टेक्सास में एक स्टोर पर काम करने के बाद अपने मालिक विक्रांत के साथ वहीं आराम कर रहा था। देर रात अचानक शॉर्ट सर्किट से स्टोर में भीषण आग लग गई। दोनों ने जान बचाने के लिए बाथरूम की खिड़की तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन जैसे ही ऑक्सीजन मिली, आग और तेज हो गई। धुएं और लपटों ने उन्हें बाहर निकलने का मौका नहीं दिया और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। इकलौता बेटा था, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सुखविंदर सिंह अपने पिता शीशपाल सिंह का इकलौता बेटा था और परिवार का एकमात्र सहारा भी। उसे विदेश भेजने के लिए परिवार ने करीब 50 लाख रुपए का कर्ज लिया था। अभी कर्ज भी पूरा नहीं उतरा था कि बेटे की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया। अब माता-पिता के सामने बेटे का गम और कर्ज दोनों बड़ी चुनौती बन गए हैं। शव को भारत लाने के लिए हो रही तैयारी
सुखविंदर का पार्थिव शरीर फिलहाल टेक्सास में रखा गया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे कैलिफोर्निया के फ्रेस्नो शहर लाया जाएगा। इसके बाद प्रयास किया जा रहा है कि शव को भारत भेजा जा सके, ताकि परिवार अपने बेटे का अंतिम संस्कार गांव में कर सके और अंतिम दर्शन कर पाए। ऑनलाइन फंड से जुटाई जा रही मदद
परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए शव को भारत लाने के लिए ऑनलाइन फंड इकट्ठा किया जा रहा है। सैकड़ों लोग इस मुहिम में सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं। लोग आर्थिक मदद के साथ-साथ इस अपील को ज्यादा से ज्यादा साझा भी कर रहे हैं, ताकि और लोग मदद के लिए आगे आ सकें। समाजसेवी रणबीर लोहान ने की अपील
समाजसेवी रणबीर लोहान ने लोगों से अपील की है कि इस दुख की घड़ी में परिवार का सहारा बनें। उन्होंने कहा कि शव को भारत लाने, कानूनी कागजी कार्रवाई और अंतिम संस्कार में काफी खर्च आता है, जो परिवार के लिए उठाना संभव नहीं है। ऐसे में समाज के सहयोग से ही यह काम पूरा हो सकता है। माता-पिता के बुझते चिराग को सहारे की जरूरत
परिवार ने भावुक अपील करते हुए कहा कि एक बूढ़े माता-पिता के बुझते चिराग को अब समाज के सहारे की जरूरत है। जो बेटा सपनों को पूरा करने विदेश गया था, अब उसी की अंतिम विदाई के लिए मदद मांगी जा रही है। लोगों से अपील है कि वे इस दुख की घड़ी में आगे आकर सहयोग करें, ताकि सुखविंदर को उसकी मिट्टी नसीब हो सके।
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अमेरिका में करनाल के युवक की मौत का मामला:शव लाने के लिए चल रहा ऑनलाइन फंड, समाजसेवी रणबीर लोहान ने की मदद की अपील
