spot_imgspot_img

Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

US-Iran Talks June 29-30: Sanctions Threat by Rubio


तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी26 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बुधवार को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए। - Dainik Bhaskar

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प बुधवार को मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की सरकार ने अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर यानी करीब 8.3 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त फंडिंग मंजूर करने की मांग की है। इसका बड़ा हिस्सा ईरान युद्ध से जुड़े खर्चों के लिए रखा गया है।

व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह रकम पिछले साल मंजूर किए गए करीब 1 ट्रिलियन डॉलर और अगले वित्तीय वर्ष के लिए मांगे गए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट से अलग है। सरकार का कहना है कि यह पैसा युद्ध से जुड़े ऑपरेशन, सेना की तैयारी, हथियारों के भंडार को फिर से भरने और सीक्रेट रक्षा कार्यक्रमों पर खर्च किया जाएगा।

वहीं, संसद में इस मांग का विरोध बढ़ रहा है। मंगलवार को सीनेट ने एक प्रस्ताव पारित कर ट्रम्प से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने को कहा। इससे पहले ऐसा ही प्रस्ताव लोअर हाउस भी पास कर चुकी है। चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स का साथ दिया।

पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स…

1. कच्चा तेल 70 डॉलर से नीचे आया: अमेरिकी कच्चे तेल (WTI) की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। ब्रेंट क्रूड भी गिरकर 73.50 डॉलर पर पहुंच गया, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिली है।

2. तेल कंपनियों को ट्रम्प की धमकी: ट्रम्प ने अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट को तेल कंपनियों की जांच के निर्देश दिए। उनका आरोप है कि कच्चे तेल के दाम घटने के बावजूद कंपनियां ग्राहकों को राहत नहीं दे रहीं।

3. खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए मोदी को न्योता: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है।

4. ट्रम्प ने तेल कंपनियों पर जांच बैठाई: ट्रम्प ने अमेरिकी न्याय विभाग को तेल कंपनियों की जांच के निर्देश दिए। उनका आरोप है कि कच्चे तेल के दाम घटने के बावजूद कंपनियां ग्राहकों को राहत नहीं दे रहीं।

5. ईरान-IAEA में परमाणु जांच पर मतभेद: IAEA का कहना है कि उसे ईरान के परमाणु ठिकानों की जांच का अधिकार मिलेगा, जबकि ईरान ने कहा है कि किसी भी निरीक्षण पर फैसला अंतिम समझौते और प्रतिबंध हटने के बाद होगा।

ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….

लाइव अपडेट्स

26 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार के लिए PM मोदी को न्योता

ईरान के तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के पास उनकी कुर्सी और एक तस्वीर प्रदर्शित की गई थी।

ईरान के तेहरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के पास उनकी कुर्सी और एक तस्वीर प्रदर्शित की गई थी।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के राजकीय अंतिम संस्कार में शामिल होने का न्योता भेजा है।

अयातुल्ला खामेनेई की 28 फरवरी को इजराइल-अमेरिका के हमले में मौत हो गई थी। इसके बाद 4 मार्च को उनका अंतिम संस्कार होना था लेकिन जंग की वजह से इसे टाल दिया गया था।

अब इसकी शुरुआत 4 जुलाई से होगी। उनके शव को तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला परिसर में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में दफन किया जाएगा।

अधिकारियों को उम्मीद है कि तेहरान, कुम और मशहद में होने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रमों में करीब 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

57 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मुस्लिम देशों में सिर्फ पाकिस्तान में सुधरी अमेरिका की छवि

अमेरिकी रिसर्च संस्था प्यू रिसर्च सेंटर की नई रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान युद्ध के दौरान पाकिस्तान एकमात्र मुस्लिम-बहुल देश रहा जहां अमेरिका को लेकर लोगों की राय बेहतर हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका-ईरान वार्ता में मध्यस्थ की भूमिका निभाने से पाकिस्तान में अमेरिका की छवि सुधरी।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि पाकिस्तानियों को ट्रम्प पर भरोसा है। सर्वे में 82% पाकिस्तानियों ने कहा कि उन्हें ट्रम्प पर भरोसा नहीं है, जबकि सिर्फ 12% ने उन पर विश्वास जताया।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि 76% पाकिस्तानी मानते हैं कि अमेरिका उनके देश के आंतरिक मामलों में दखल देता है। यानी अमेरिका को लेकर सकारात्मक सोच बढ़ी है, लेकिन उसके इरादों और नेतृत्व को लेकर संदेह अब भी कायम है।

03:04 AM25 जून 2026

  • कॉपी लिंक

रूबियो बोले- 29-30 जून को अमेरिका-ईरान वार्ता फिर होगी

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की बातचीत 29 या 30 जून को स्विट्जरलैंड में फिर शुरू हो सकती है। यह बातचीत दोनों देशों के बीच हाल में हुए संघर्षविराम समझौते को आगे बढ़ाने के लिए हो रही है।

रूबियो ने ईरान को चेतावनी भी दी और कहा कि अमेरिका की ओर से दी गई प्रतिबंधों में राहत अस्थायी है। अगर ईरान ने स्विट्जरलैंड वार्ता में किए गए वादे पूरे नहीं किए तो राष्ट्रपति ट्रम्प के पास प्रतिबंध फिर से लागू करने का विकल्प मौजूद है।

खबरें और भी हैं…



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Popular Articles