पंजाब को मिल सकता है परमानेंट डीजीपी।
पंजाब को जल्न्दी ही परमानेंट DGP मिलने वाला है। UPSC ने 30 जून को डीजीपी का पैनल शॉर्टलिस्ट करने के लिए मीटिंग बुला दी है। यूजीसी तीन अफसरों का पैनल पंजाब सरकार को देगा जिसमें से सरकार एक अफसर को पंजाब का डीजीपी नियुक्त करेगी।
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पंजाब सरकार ने जुलाई 2022 में कुछ सीनियर अफसरों की अनदेखी करके गौरव यादव कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया था। गौरव यादव को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किए जाने पर विपक्षी दल लगातार सवाल उठाते रहे हैं। पंजाब में परमानेंट डीजीपी नयुक्त करने के लिए यूपीएससी ने इस साल 18 फरवरी को पंजाब सरकार से पात्र अधिकारियों की सूची मांगकर इस प्रक्रिया की शुरुआत की थी।
यह कदम सुप्रीम कोर्ट के 5 फरवरी के उन निर्देशों के बाद आया था जिसमें पंजाब समेत कई राज्यों को “कार्यवाहक” डीजीपी के सहारे काम चलाने के लिए कड़ी फटकार लगाई गई थी।
पंजाब सरकार ने भेजी थी 14 अफसरों की लिस्ट
पंजाब सरकार ने 6 अप्रैल को यूपीएससी को 14 पात्र आईपीएस अधिकारियों की सूची भेजी थी। जिसमें वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी गौरव यादव (1992 बैच) का नाम भी शामिल किया है। वह वर्तमान में इस प्रस्ताव में शामिल 1992 बैच के चार अधिकारियों में वरिष्ठता क्रम में तीसरे स्थान पर आते हैं।
इस बैच के सबसे वरिष्ठ अधिकारी शरद सत्य चौहान हैं, जिनके बाद क्रमशः हरप्रीत सिंह सिद्धू, गौरव यादव और कुलदीप सिंह का स्थान है। इस प्रस्ताव में 1993 बैच के तीन और 1994 बैच के सात अधिकारी भी शामिल हैं।
तीन अफसरों का पैनल तय करेगा यूपीएससी
यूपीएससी पंजाब सरकार की तरफ से भेजी गई 14 अफसरों की सूची में तीन अफसरों का पैनल शॉर्टलिस्ट करके पंजाब सरकार को देगा। पंजाब सरकार पैनल में से किसी एक अधिकारी को डीजीपी की जिम्मेदारी देगा। इस दौड़ में तीन अफसरों के नाम सबसे ऊपर है। जिसमें सबसे पहला नाम डॉ शरद सत्य चौहान का नाम है। वह 1992 बैच के आईपीएस हैं। उनकी सिन्योरिटी सबसे ऊपर है।
दूसरे नंबर पर हरप्रीत सिद्धू का नाम है और ये भी 1992 बैच के आईपीएस हैं। सिन्योरिटी लिस्ट में इनका नाम दूसरे स्थान पर है। वहीं वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी गौरव यादव का नाम भी तीसरे नंबर पर है। इसके अलावा चौथे नंबर पर कुलदीप सिंह का नाम है।
ये दोनों अधिकारी भी 1992 बैच के अधिकारी हैं। यूपीएससी अगर सीनियर मोस्ट तीन अधिकारियों का पैनल फाइनल करता है तो उसके गौरव यादव का नाम भी रहेगा। ऐसे में पंजाब सरकार उन्हें परमानेंट डीजीपी नियुक्त कर सकती है।

इन अधिकारियों के सूची में नाम भेजे
सरकार की तरफ से रेगुलर डीजीपी के लिए जो अधिकारियों का पैनल भेजा गया है, उसमें उन्हें तीन हिस्सों में बांटा गया है। 1992 बैच के अधिकारियों में गौरव यादव (वर्तमान कार्यकारी डीजीपी), शरद सत्य चौहान, कुलदीप सिंह और हरप्रीत सिंह सिद्धू शामिल हैं। जबकि 1993 बैच में गुरप्रीत कौर देव, जितेंद्र कुमार जैन और शशि प्रभा द्विवेदी के नाम हैं। वहीं 1994 बैच में सुधांशु शेखर श्रीवास्तव, प्रवीण कुमार सिन्हा, अमरदीप सिंह राय, वी. नीरजा, अनिता पुंज, नरेश कुमार और राम सिंह के नाम शामिल हैं।
इससे पहले 1989 बैच के सामंत गोयल ने इस पद के लिए अपनी अनिच्छा व्यक्त की है, जबकि अर्पित शुक्ला और ईश्वर सिंह अपनी सेवानिवृत्ति के करीब होने के कारण इस दौड़ से बाहर हैं।
ऐसे होती है सिलेक्शन प्रक्रिया
सरकार द्वारा पैनल भेजा जाता है। उस पर विचार करने के लिए एक कमेटी होती है। इसमें UPSC के अध्यक्ष (अध्यक्ष के रूप में), केंद्रीय गृह सचिव या उनका प्रतिनिधि, राज्य के मुख्य सचिव, राज्य के वर्तमान डीजीपी तथा केंद्रीय पुलिस संगठन का एक प्रमुख (जो उस राज्य कैडर से न हो) शामिल होते हैं। यह कमेटी तीन नाम फाइनल करती है। ये नाम सरकार को भेजे जाते हैं, जिसके बाद सरकार इस पर अंतिम मुहर लगाती है।







