सोनीपत13 घंटे पहले
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लखनऊ अग्निकांड में खरखौदा के 23 वर्षीय भविष्य शर्मा की मौत हो गई है। इनसेट में भविष्य का फाइल फोटो।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड ने हरियाणा के सोनीपत जिले के युवक भविष्य शर्मा (23) की भी मौत हो गई। खरखौदा क्षेत्र के गांव महिपुर निवासी भविष्य शर्मा ने एनिमेशन का कोर्स किया हुआ था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसे लखनऊ स्थित एक एनिमेशन एवं गेमिंग संस्थान में आठ दिन पहले ही नौकरी मिली थी।
परिवार के लिए यह खुशी का मौका था, क्योंकि इकलौता बेटा अपने करियर की शुरुआत कर रहा था। मगर, नौकरी जॉइन करने के साथ ही अग्निकांड में उसकी मौत हो गई। हादसे के वक्त भविष्य ने करीब सवा दो बजे अपनी मां सोनिया को वीडियो कॉल की। मां को कमरे का माहौल दिखाते हुए कहा था-
मां कमरे में आग लग गई है, धुआं ही धुआं भर गया है, अब जिन्दा नहीं बचेंगे।

केवल पांच सेकेंड ही बात हुई और कॉल कट गई। कॉल कटते परिवार में हड़कंप मच गया। इसी बीच लखनऊ अग्निकांड की खबर चल गई, जिसे देख परिजन तुरंत लखनऊ रवाना हुए। लखनऊ में पोस्टमॉर्टम के बाद मंगलवार को भविष्य का शव गांव लाया गया है, जहां दोपहर को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
भविष्य के परिवार और गांव में माहौल की कुछ PHOTOS…

इकलौते की मौत पर रोते-बिलखते परिजन।

शोक संवेदनाएं जताने भविष्य के घर पहुंची महिलाएं।

भविष्य शर्मा गांव महिपुर का रहने वाला था। मंगलवार की दोपहर उसके शव का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।

अंतिम संस्कार के वक्त भविष्य शर्मा के पिता नरेंद्र (यलो टीशर्ट में) बेहद गमगीन नजर आए। परिवार के लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला।
इकलौते बेटे भविष्य की मौत पर पिता ने कहीं ये बातें…
- पिता बोले- मेरा अब कुछ नहीं बचा : भविष्य शर्मा के पिता नरेंद्र एक निजी स्कूल में टीचर हैं, जबकि मां कपड़ों की सिलाई का काम करती हैं। पिता ने कहा कि भविष्य उसका बेटा इकलौता था। बेटा ही उसकी एकमात्र पूंजी थी, मेरा अब कुछ नहीं बचा है।
- छह जून को घर से लखनऊ गया था : पिता नरेंद्र ने बताया कि उनका बेटा भविष्य 6 तारीख को घर से रवाना हुआ था और वह दिल्ली से बस पकड़ कर लखनऊ जॉब जॉइनिंग के लिए पहुंचा था। उसके सपने बहुत सारे थे, लेकिन अब सारे सपने खत्म हो गए। सरकार से गुजारिश करूंगा कि इस प्रकार का हादसा भविष्य में दोबारा ना हो। किसी का बच्चा इस प्रकार से आग का शिकार ना हो।
- बहन को नौकरी देने की मांग : पिता ने बताया कि भविष्य की छोटी बहन त्रिशा है, जिसकी शादी की बात चल रही है। भविष्य को बहन की शादी की चिंता रहती थी, इसलिए वह लखनऊ में नौकरी करने गया था, ताकि पिता का हाथ बंटा सके। परिवार की मांग है कि भविष्य की बहन को नौकरी दी जाए। त्रिशा ने ग्रेजुशन किया हुआ है।

लखनऊ में ऐसे हुआ हादसा…
- बायोमेट्रिक सिस्टम आग की वजह से लॉक हो गया : हादसे में घायल एक छात्र के दोस्त यश ने बताया- ऊपर आने-जाने के लिए केवल एक ही एंट्री-एग्जिट पॉइंट था। वहां बायोमेट्रिक सिस्टम लगा था। आग लगने के दौरान बायोमेट्रिक सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया। इसकी वजह से अंदर मौजूद बच्चे समय रहते गेट नहीं खोल पाए। इतना ही नहीं, छत पर जाने वाले रास्ते का दरवाजा भी लॉक था।
- एसी के कंप्रेसर में धमाके से भड़की आग : शुरुआती जांच में सामने आया है कि बिल्डिंग में लगे स्प्लिट एसी का कंप्रेसर फटने से धमाका हुआ। इसके बाद निकली चिंगारी ने आसपास रखे सामान और फर्नीचर को चपेट में ले लिया। फिर कुछ ही मिनट में आग ने पूरी बिल्डिंग को चपेट में ले लिया। अफसरों के अनुसार, आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट भी हो सकती है।

आग लगने से पहले की तस्वीर। (फाइल फोटो)
- बच्चों ने बाथरूम में बंद करके बचाने की कोशिश की : आग लगने के बाद सबसे पहले निचली मंजिलों पर धुआं फैला और फिर तेजी से ऊपर की ओर बढ़ने लगा। ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग अचानक हुई घटना से घबरा गए। कई लोग बाहर निकलने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ ने खुद को कमरों और बाथरूम में बंद कर लिया। अंदर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
- 15 लोगों की हुई मौत, ज्यादातर स्टूडेंट : प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, 40 मिनट बाद फायर ब्रिगेड पहुंची और आग पर काबू पाया। SDRF-NDRF ने 7 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। दीवारें तोड़नी पड़ी। जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी थी। इनमें 5 महिलाएं और 10 पुरुष हैं। ज्यादातर 20 से 30 साल के स्टूडेंट्स हैं। जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह अवैध थी। इसे गिराने का आदेश 2016 में हुआ था, लेकिन बाद में निरस्त कर दिया गया था।

बिल्डिंग मालिक सहित चार अरेस्ट, हत्या का केस भी दर्ज
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया- बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा गया है। इसके बाद बिल्डिंग पर बुलडोजर चलेगा। बिल्डिंग रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट कॉलेज के मालिक वीरेंद्र शुक्ला की है। पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर वीरेंद्र समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
विकास प्राधिकरण के चार अफसरों को भी सस्पेंड किया गया
उधर, इस मामले में LDA के 4 अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है। बिल्डिंग को अनुमति देने वाले 16 अफसरों पर भी कार्रवाई हो सकती है। बिल्डिंग में फायर सेफ्टी की कोई व्यवस्था नहीं थी। इमरजेंसी में बाहर निकलने के लिए कोई अलग रास्ता नहीं था। हादसे के वक्त छत का दरवाजा भी बंद था, इसलिए लोग बाहर नहीं निकल पाए और दम घुटने से जान चली गई।

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