अरनियांवाली निवासी पीड़ित परिवार मामले में जानकारी देते हुए।
सिरसा जिले के अरनियांवाली गांव में लोन की किस्त न चुकाने पर मकान को सील किए जाने के मामले में पीड़ित परिवार मीडिया के सामने आया और कहा, वे किस्त भरने को तैयार है। मगर इसके लिए कंपनी उनको ब्याज में छूट दे और जायज रकम भरेंगे। वहीं पुलिस ने कोई केस दर्ज
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मामले में (शनिवार को) हरियाणा और राजस्थान के किसान-मजदूरों ने गांव में महापंचायत बुलाई थी, जिसमें कड़ा फैसला लेते हुए गेट पर लगे ताले तोड़ दिए थे। इसके बाद मकान मालिक को कब्जा दिलाया। ग्रामीण, किसान व अन्य संगठन पीड़ित परिवार के समर्थन में उतर आए हैं।
अरनियांवाली निवासी मकान मालिक सुभाष ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में बताया, उन्होंने साल 2024 में इंडिया शेल्टर होम लोन कंपनी से लोन लिया था। उस समय मां बीमार थी और मजबूरी थी। उन दिनों अचानक घर में दिक्कत हुई और माता को कैंसर की बीमारी हो गई। उनको एक माह तक अस्पताल में रखा। घर के सारे पैसे उनके इलाज में लग गए और किस्त भर नहीं पाया।

मकान मालिक सुभाष कुमार जानकारी देते हुए।
11.40 लाख के साइन करवाए और दिए 10 लाख
सुभाष बोले, कोर्ट में केस जाने का कोई पता नहीं है। न मेरे पास कोई नोटिस है, तो न ही कुछ कागज है। मैं दिहाड़ी-मजदूरी करता है। इसकी कोई जानकारी नहीं है, मुझे लोन के 10 लाख रुपए मिले हैं, जबकि 11.40 लाख रुपए के साइन करवाए हैं। बाकी पैसों का पता नहीं, किसने अपने पास रखे हैं या कोई कमीशन लिया है।
ब्याज भी बहुत ज्यादा था। उस समय 80 पैसे ब्याज बताया था। अब इस पर 6 से 10 रुपए सैकड़ा ब्याज लगा रखा है। इसके लिए कंपनी वालों से मिला था और बोले, आपको इतना ही ब्याज लगेगा। मैं मजबूर था और मां बीमार था। इसलिए लोन लेना पड़ गया। पति और पत्नी दोनों के नाम लोन था।

अरनियांवाली निवासी पीड़ित परिवार, जिनका घर सील किया।
जायज रकम भरेंगे, ब्याज कम हो
सुभाष की पत्नी मुकेश बोली, लोन की जानकारी थी। कंपनी वाले घर पर 10-10 आदमी आते थे और लोन भरने की कहते थे। जिस दिन घर पर तालाबंदी हुई, उस दिन हम घर पर नहीं थे। मुकेश बोली, लोन भरेंगे, पैसा लिया है तो, पर ब्याज कम होना चाहिए। जायज रकम ही भरेंगे।







