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SGPC की मांग-CM मान पर केस दर्ज करे पुलिस:पंजाब के DGP से की मुलाकात; धार्मिक भावनाएं आहत करने का लगाया आरोप




शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव से मुलाकात कर मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री से जुड़ी एक वायरल वीडियो में सिख धर्म की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियां दिखाई गई हैं। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज करने की मांग की गई है।SGPC का कहना है कि इस मामले को लेकर पहले ही उसकी कार्यकारिणी और जनरल हाउस में प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। उसी निर्णय के आधार पर अब पंजाब पुलिस को औपचारिक शिकायत दी गई है। डीजीपी से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में SGPC के जूनियर उपाध्यक्ष बलदेव सिंह कल्याण, महासचिव शेर सिंह मंड, मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नण, अंतरिम कमेटी सदस्य मंगविंदर सिंह खापड़खेड़ी, सुरजीत सिंह तुगलवाल, सुरजीत सिंह कंग, बलदेव सिंह कैंपपुरी, सुरजीत सिंह गढ़ी, मेजर सिंह और दलजीत सिंह भिंडर शामिल थे।प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी को लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की। धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप SGPC प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़ी वायरल वीडियो में दसों गुरु साहिबान की तस्वीरों पर शराब छिड़कने तथा संत जरनैल सिंह भिंडरांवाले की तस्वीर पर पेशाब करने जैसी आपत्तिजनक हरकत दिखाई गई है। उनका कहना है कि इससे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने और सिख समुदाय का अपमान करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। जत्थेदार की जांच का दिया हवाला SGPC नेताओं ने डीजीपी को बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार की ओर से वायरल वीडियो की जांच करवाई गई थी। उनके अनुसार जांच में वीडियो को सही पाया गया है। इसी आधार पर SGPC की कार्यकारिणी और जनरल हाउस ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने का फैसला लिया था। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 27 जून को हुई SGPC की जनरल हाउस बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कार्यकारिणी को मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए अधिकृत किया गया था। झूठी रिपोर्ट तैयार करने का आरोप SGPC प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और कुछ अधिकारियों ने मिलकर इस मामले में एक झूठी और मनगढ़ंत रिपोर्ट तैयार की है। उनका दावा है कि यह रिपोर्ट वास्तविक तथ्यों के विपरीत है और पूरे मामले को दबाने की कोशिश की गई है। प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब पुलिस से मांग की कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य लागू कानूनी धाराओं के तहत तुरंत एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। SGPC नेताओं ने कहा कि धार्मिक मामलों में किसी भी व्यक्ति के साथ कानून के अनुसार समान व्यवहार होना चाहिए और इस मामले में भी निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए।



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