वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने मंगलवार को चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
पंजाब में विज्ञापन बंद कर 8 लाख मुलाजिमों-पेंशनर्स को बकाया महंगाई भत्ता (DA) देने के हाईकोर्ट के आदेश पर वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि लीगली और संवैधानिक बकाए को सरकार पे करेगी, लेकिन इसमें बहुत सारे पक्ष हाईकोर्ट के अंदर इग्नोर हुए हैं। इन
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मंत्री ने कहा, ‘जिस तरह की बहस हुई थी, उस तरह की जजमेंट नहीं आई। हम इसकी लीगली और संवैधानिक तौर पर लीगल टीम से समीक्षा करा रहे हैं। उसके बाद इस पर फैसला लेंगे।’ हालांकि उन्होंने आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने को लेकर अभी स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को कहा था कि 15 दिन के भीतर बकाया DA की अदायगी करें। अगर ऐसा न हुआ तो फिर 6% ब्याज भी देना होगा। हाईकोर्ट ने तब तक सरकार को विज्ञापनबाजी बंद करने के लिए कहा।
जानिए, DA अदायगी-हाईकोर्ट के फैसले पर वित्तमंत्री ने क्या-क्या कहा
- 2016 में आई रिपोर्ट पंजाब में लागू नहीं की गई: वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि कल पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला दिया, जिसमें पंजाब के मुलाजिमों की DA की किश्त को लेकर आदेश दिया था। मुलाजिमों का पे कमीशन उस समय गठित हुआ था, जिस वक्त पंजाब में अकाली दल और BJP गठबंधन की सरकार थी। यह रिपोर्ट 2016 में आई थी। इस रिपोर्ट को पंजाब में लागू नहीं किया गया।
- चुनाव से ठीक पहले रिपोर्ट लागू हुई: उन्होंने कहा- 2016 से लंबे समय तक इस पर मीटिंग होती रही। फिर 2022 में पंजाब विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले यह रिपोर्ट लागू कर दी गई। 1 जनवरी 2016 से लेकर जुलाई 2021 तक DA का बकाया फ्रीज कर दिया गया। उसे रिलीज नहीं किया गया। इसके बाद पंजाब में बकाए की राशि 14 हजार 191 करोड़ बनती थी। बकाया अकाली दल, भाजपा की गठबंधन की सरकार के समय शुरू हुआ, कांग्रेस ने भी 5 साल निकाल दिए, कोई रकम नहीं दी।
- 85 से बड़ी उम्र का बकाया हम दे चुके: वित्तमंत्री ने कहा- इसके बाद कई साथी लिटिगेशन में गए। उन्होंने कोर्ट में इसे चैलेंज किया। कोर्ट में हमने लिक्विडेशन प्लान दिया। इसके तहत 2024-25 में 85 साल से बड़ी उम्र के पेंशनर का बकाया हम दे चुके हैं। 2025-26 में हमने 75 साल से ऊपर के पेंशनर्स का बकाया दिया। 2026-27 में हम पेंशनर और मुलाजिमों को अप्रैल 2026 से बकाया DA देना शुरू कर दिया।
- बकाया चुकाने का प्लान कोर्ट ने मंजूर किया: मंत्री चीमा ने कहा- कुल 14,191 करोड़ में से करीब 6 हजार करोड़ रुपया हम दे चुके हैं। बकाया अमाउंट देने का प्लान हम हाईकोर्ट को दे चुके हैं। कोर्ट ने उसे मंजूर किया। उसे लागू कर रहे हैं।
- हम केंद्र सरकार से भी ज्यादा सैलरी दे रहे: वित्तमंत्री बोले- पंजाब देश का वह स्टेट है, जिसके अंदर सबसे ज्यादा सैलरी दी जा रही है। कई मामलों में तो हम केंद्र से भी ज्यादा सैलरी दे रहे हैं। जैसे पंजाब में क्लर्क की सैलरी 54,812 है, जबकि केंद्र की 36 हजार 960 है। यानी इसमें 17852 रुपए हम ज्यादा दे रहे हैं। इसी तरह कॉन्स्टेबल को भी इसी तरह की सैलरी मिल रही है। 2020 में सरकार ने नए मुलाजिमों पर सेंट्रल पे कमीशन लागू करने का फैसला लिया था। इसी के आधार पर भर्ती की जा रही है।
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