शहर में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साइबर सेल के पास रोज बड़ी संख्या में शिकायतें पहुंच रही हैं और हर दिन कई एफआईआर दर्ज हो रही हैं। ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसे में लेकर बैंक खाते खाली कर रहे हैं। ताजा तीन मामलों में सेक्टर-47, सेक
.
सेक्टर-47 निवासी अमरजीत सिंह ने शिकायत में बताया कि 30 जुलाई को उन्हें खुद को अडानी गैस सर्विस का कर्मचारी बताने वाले व्यक्ति का फोन आया। उसने कहा कि गैस पाइपलाइन का 13 रुपए का बिल बकाया है। इसके बाद व्हॉट्सएप कॉल कर ऑनलाइन पेमेंट कराने के बहाने एक लिंक भेजा।
लिंक पर क्लिक करते ही अडानी गैस के नाम से ऐप खुल गया। आरोपी के बताए अनुसार प्रक्रिया करने के बावजूद 13 रुपए की पेमेंट नहीं हुई। बाद में क्रेडिट कार्ड से भुगतान करने को कहा गया। शक होने पर उन्होंने कॉल काट दी, लेकिन कुछ देर बाद अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए 2.30 लाख रुपए खाते से निकल गए। पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दी।
रिटायर्ड कर्नल के कार्ड से 3.04 लाख रुपए निकले
सेक्टर-21 निवासी रिटायर्ड कर्नल राजीव कुमार बिंदल के क्रेडिट कार्ड से 28 जुलाई की रात करीब 8.15 बजे तीन ट्रांजैक्शन में 3,04,999 रुपए निकल गए। मैसेज मिलते ही उन्होंने कस्टमर केयर से कार्ड ब्लॉक कराया। साइबर सेल कार्ड क्लोनिंग, डेटा ब्रीच, ओटीपी बायपास, डार्क वेब या इंटरनेशनल पेमेंट गेटवे समेत विभिन्न एंगल से जांच कर रही है।
रिटायरमेंट बेनिफिट कार्ड के नाम पर 1.20 लाख ठगे
सेक्टर-44 निवासी पीएनबी के रिटायर्ड कर्मचारी अशोक कुमार बंटा को कॉल कर ठग ने खुद को बैंक के हेड ऑफिस का अधिकारी बताया और रिटायरमेंट बेनिफिट कार्ड जारी करने के नाम पर एटीएम कार्ड की डिटेल्स ले ली। शक होने पर पीड़ित ने अपने पेंशन अकाउंट से एक लाख रुपए दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए, लेकिन ठगों ने रकम वापस पेंशन अकाउंट में भेजकर अमेजन पे इंडिया के जरिए 1.20 लाख रुपए निकाल लिए। इसके बाद पीड़ित ने बैंक पहुंचकर अकाउंट फ्रीज कराया और साइबर सेल में शिकायत दी।







