विक्टोरिया2 घंटे पहले
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पीएम मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स दौरे पर रहेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 से 29 जून तक तीन दिन सेशेल्स दौरे के लिए शनिवार सुबह 8.50 बजे रवाना हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के निमंत्रण पर वहां जा रहे हैं।
मोदी सेशेल्स की आजादी के 50 साल पूरे होने के समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। इस मौके पर होने वाली परेड में भारतीय सशस्त्र बलों की एक टुकड़ी और भारतीय नौसेना के दो युद्धपोत भी हिस्सा लेंगे।
मोदी सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा को भी संबोधित करेंगे। सेशेल्स में रहने वाले भारतीय समुदाय से मुलाकात करेंगे।
मोदी का पिछले 11 साल में यह दूसरा सेशेल्स का दौरा है। इससे पहले उन्होंने साल 2015 में इस द्वीप देश की यात्रा की थी। सेशेल्स की आबादी 1.35 लाख है। इसमें से 12 हजार के करीब लोग भारतीय मूल के हैं। यह करीब 8 से 9% हिस्सा है।
मोदी बोले- भारत और सेशेल्स के राजनयिक संबंधों के 50 साल पूरे
पीएम मोदी ने सेशल्स दौरे पर कहा- सेशेल्स भारत का महत्वपूर्ण समुद्री पड़ोसी और ‘विजन महासागर (MAHASAGAR)’ का प्रमुख साझेदार है। इस साल भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। दोनों देशों के संबंध आपसी विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों, विविधता के सम्मान और लोगों के गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं।
- फरवरी 2026 में राष्ट्रपति हर्मिनी की भारत यात्रा के बाद अब इस दौरे में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी। दोनों देश हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, समृद्धि और विकास को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे।
- मैं सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाला पहला भारतीय प्रधानमंत्री बनूंगा। यह अवसर दोनों देशों के मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं को दर्शाता है। सेशेल्स में बसे भारतीय समुदाय से मिलने का भी अवसर मिलेगा, जिसने पीढ़ियों से दोनों देशों की मित्रता को मजबूत किया है।
- मुझे विश्वास है कि यह यात्रा भारत-सेशेल्स संबंधों को और गहरा करेगी, हिंद महासागर में समुद्री सहयोग बढ़ाएगी और सुरक्षित, शांतिपूर्ण व समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी।
मोदी सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे प्रधानमंत्री
इंदिरा गांधी ने साल 1976 में सेशेल्स गई थीं। उसी साल सेशेल्स आजाद हुआ था। भारत ने सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह में नौसेना का युद्धपोत आईएनएस नीलगिरि भी भेजा था। इसके बाद इंदिरा गांधी 1981 में फिर सेशेल्स का दौरा किया था।
उनकी यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी। इस दौरे का सबसे बड़ा उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी और समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना था।
मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत ने सेशेल्स को दूसरा डोर्नियर समुद्री निगरानी विमान देने की घोषणा की, ताकि समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा मजबूत हो सके।
मोदी ने भारत की मदद से बने तटीय निगरानी रडार नेटवर्क का उद्घाटन किया। यह हिंद महासागर में जहाजों की निगरानी और समुद्री सुरक्षा बढ़ाने की भारत की बड़ी रणनीति का हिस्सा था।
उस समय चीन हिंद महासागर के द्वीपीय देशों में अपना प्रभाव बढ़ा रहा था। ऐसे में मोदी का दौरा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ और हिंद महासागर में रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की नीति का अहम हिस्सा माना गया।
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