रोहतक11 घंटे पहले
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चंडीगढ़ के आर्मी अस्पताल से ऑर्गन लेकर जाती डॉक्टरों की टीम।
रोहतक PGIMS के डॉक्टरों की टीम ने चंडीगढ़ के कमांड अस्पताल चंडी मंदिर में ब्रेन डेड घोषित हुई कर्नल की पत्नी के अंगदान करवाकर इतिहास रच दिया है। सोटो की हरियाणा टीम के नोडल अधिकारी डॉ. सुखबीर सिंह ने ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर दीप्ति के साथ मिलकर ग्रीन कारिडोर बनाते हुए अंगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में सहयोग किया।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि हरियाणा के इतिहास में पहली बार सेना के कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर से हृदय दान हुआ है।
सेना और सोटो हरियाणा के समन्वय से अंग एयरलिफ्ट कर दिल्ली के आर.आर. हॉस्पिटल और चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर अस्पताल में पहुंचाए गए। इस पूरे अभियान में हरियाणा पुलिस ने तीन प्रदेशों में ग्रीन कॉरिडोर बनाए।
आर्मी अस्पताल से ऑर्गेन लेकर जाती डॉक्टरों की टीम।
सैन्य अधिकारी की पत्नी को घोषित किया ब्रेन डेड
डॉ. एच.के अग्रवाल ने बताया कि कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर में भर्ती सैन्य अधिकारी की पत्नी को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया। खबर सुनकर पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार की बेटियों और पति ने रोते-रोते भी एक निर्णय लिया कि वह देश की सेवा करेंगे। परिवार ने अंगदान की सहमति दे दी। इसके बाद सोटो की हरियाणा टीम ने अंगदान करवाने में सहयोग किया।
दिल, लीवर, किडनी व पैंक्रियाज निकाले
सोटो हरियाणा के नोडल अधिकारी डॉ. सुखबीर ने बताया कि सैन्य अधिकारी की पत्नी के हृदय, लीवर, दो किडनी और पैंक्रियाज को रिकवर किया गया। सेना के डॉक्टरों और सोटो के नोडल अधिकारियों ने मिलकर पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिक और संवेदनशील तरीके से अंजाम दिया।
आर्मी अस्पताल से ऑर्गेन लेकर जाती डॉक्टरों की टीम।
3 ग्रीन कॉरिडोर, 3 शहर, एक उद्देश्य
VC डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि अंगों को समय पर पहुंचाना किसी युद्ध से कम नहीं था। हृदय को प्राइवेट जेट के माध्यम से दिल्ली भेजा गया। लीवर को सेना के हेलिकॉप्टर से आर.आर. हॉस्पिटल पहुंचाया गया। एक किडनी कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर में ही सेना से जुड़े मरीज को प्रत्यारोपित की। दूसरी किडनी और पैंक्रियाज पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ को अलॉट किए गए।
सेना का मिला अभूतपूर्व सहयोग
सोटो हरियाणा के नोडल अधिकारी डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि सेना ने जिस तत्परता और संवेदनशीलता से अंगदान की प्रक्रिया पूरी की, वह हर अस्पताल के लिए प्रेरणा है। कमांड हॉस्पिटल में डी अनुराग की टीम, सेना के अधिकारी और सोटो की टीम ने 24 घंटे में यह पूरा अभियान सफल किया। हृदय को 4 घंटे के भीतर प्रत्यारोपित करना होता है। जेट और ग्रीन कॉरिडोर ने यह संभव किया।
रोहतक पीजीआई में पत्रकारों से बात करते डॉ. पवन ढुल।
सेना और सिविल प्रशासन का अद्भुत समन्वय
सेना से ब्रिगेडियर डॉ. पवन ढुल और चीफ ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर कर्नल डॉ. अनुराग गर्ग ने कहा कि सेना और सिविल प्रशासन का यह संयुक्त अभियान ऑपरेशन जीवन से कम नहीं था। कमांड हॉस्पिटल चंडी मंदिर में ब्रेन डेड घोषित होते ही सोटो हरियाणा को सूचना दी गई। सेना के डॉक्टरों ने कर्नल परिवार को काउंसलिंग दी। परिवार ने सहमति दी तो अंग रिकवरी का समय तय हुआ।
डीजीपी के सहयोग से बनाया ग्रीन कॉरिडोर
हरियाणा के डीजीपी अजय सिंघल ने चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा पुलिस को अलर्ट किया। तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए, जिसमें चंडी मंदिर से चंडीगढ़ एयरपोर्ट, चंडी मंदिर से डिफेंस एयरपोर्ट और चंडी मंदिर से पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ हॉस्पिटल तक कॉरिडोर शामिल रहा। ट्रैफिक पुलिस ने मिनटों में रास्ता क्लियर कर दिया।
