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पांवटा साहिब के पास कुल्हाल बॉर्डर पर हंगामा करते हुए निंहग।

उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में लोगों और निहंगों के बीच हुई झड़प के बाद तनाव का माहौल है। देहरादून कूच करने वाले निहंगों में से कुछ अब भी पांवटा साहिब में डटे हुए हैं। 200 निहंगों से बातचीत के लिए उत्तराखंड पुलिस ने हरिद्वार के SSP नवनीत सिंह भुल्लर को जि

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एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने पांवटा साहिब पहुंचकर निहंग जत्थेदारों से बातचीत की। एसएसपी ने निहंगों के साथ उनकी मांगों और उत्तराखंड कूच को लेकर चर्चा की।

निहंग जत्थेदार अकाली जगदीप सिंह ने कहा कि प्रशासन ने उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए 2 दिन का समय मांगा है। उनकी चारों साथियों की रिहाई, दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष जांच और कथित पुलिस कार्रवाई की जांच उनकी प्रमुख मांगें हैं। प्रशासन के आश्वासन पर उन्हें भरोसा है, लेकिन जरूरत पड़ने पर वे आगे उत्तराखंड कूच का फैसला भी ले सकते हैं।

गुरुवार को मोहाली के सोहाना गुरुद्वारा साहिब से निहंगों के जत्थे ने उत्तराखंड के लिए कूच किया था। पावंटा साहिब में कुल्हाल बॉर्डर पर उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर यहां विवाद हो गया।

उत्तराखंड पुलिस ने इस मामले में अज्ञात निहंगों के खिलाफ कुल्हाल चौकी प्रभारी (विकासनगर) ने FIR दर्ज कराई है। आरोप है कि 25 जून को कुल्हाल बॉर्डर पर पुलिस, PAC और ITBP के रोके जाने पर शांतिपूर्वक छोटे समूहों में यात्रा करने की अपील को निहंगों ने नहीं माना।

पूरी नहीं की गई निहंगों की मांग कूच करने से पहले गुरुवार सुबह मोहाली के सोहाना गुरुद्वारे में निहंग सिखों ने एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा था कि कर्णप्रयाग में हुई घटना में गिरफ्तार उनके साथियों को रिहा किया जाए और मामले में दर्ज FIR रद्द की जाए। साथ ही, घटना में शामिल स्थानीय लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। हालांकि, निहंगों की ये मांग अभी पूरी नहीं हुई है और उनके साथी अब भी पुलिस की हिरासत में हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अलर्ट जारी किया निहंगों के उत्तराखंड कूच करने के ऐलान के साथ ही उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विभागों को अलर्ट पर रहने के आदेश जारी कर दिए थे। उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि चार धाम यात्रा व हेमकुंट यात्रा को प्रभावित नहीं करने दिया जाएगा। सीएम के आदेश के बाद डीजीपी उत्तराखंड ने भी साफ कर दिया था कि प्रदेश में किसी को भी अराजकता फैलाने नहीं दिया जाएगा।

कुल्हाल में पहुंचे निहंग पुलिस से बात करते हुए।

कुल्हाल में पहुंचे निहंग पुलिस से बात करते हुए।

16 जून से अब तक की पूरी टाइमलाइन….

  • 16 जून- कर्णप्रयाग बाजार में हिंसक झड़प: हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे निहंगों की बाइक कार से टकराने के बाद विवाद हो गया। आरोप है कि निहंगों ने तलवारों और धारदार हथियारों से हमला किया, जिसमें कई लोग घायल हुए। एक होटल कारोबारी को एयरलिफ्ट कर AIIMS ऋषिकेश भेजा गया। घटना के विरोध में व्यापारियों ने 5 घंटे हाईवे जाम किया। पुलिस ने 4 निहंगों को गिरफ्तार कर लिया।
  • 20 जून- दूसरे पक्ष पर भी काउंटर FIR दर्ज: सिख समुदाय ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया और कहा कि निहंगों ने आत्मरक्षा में कदम उठाया था। इसके बाद एक घायल श्रद्धालु के पिता की शिकायत पर कर्णप्रयाग कोतवाली में स्थानीय अज्ञात लोगों के खिलाफ भी काउंटर FIR दर्ज की गई।
  • 20 जून (शाम)- नगरासू गुरुद्वारे में नया विवाद: घटना से नाराज निहंगों का जत्था रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में ठहर गया। आरोप है कि निहंगों ने गुरुद्वारे के सेवादार और एक बाबा के साथ मारपीट की और एक व्यक्ति को बंधक बना लिया। इसके बाद वे हथियारों के साथ ऊपरी मंजिल पर चले गए और खुद को बंद कर लिया।
  • 21 जून- घेराबंदी और इंटरनेट बंद: मौके पर पुलिस, PAC और ITBP के जवानों ने पूरे गुरुद्वारे को चारों तरफ से घेर लिया। डीएम विशाल मिश्रा और एसपी निहारिका तोमर ने बातचीत की कोशिश की, लेकिन शुरुआती दौर में निहंगों ने इनकार कर दिया। प्रशासन ने आसपास के इलाकों में कुछ समय के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दीं।
  • 22 जून- बातचीत के बाद बंधक छोड़े: प्रशासन, सिख प्रतिनिधियों और निहंगों के बीच कई दौर की वार्ता के बाद निहंगों ने बंधक बनाए गए लोगों को सुरक्षित मुक्त कर दिया। निहंगों ने वीडियो संदेश जारी कर प्रशासन के सहयोग की बात कही।
  • 23 जून- निष्पक्ष जांच के लिए केस हरिद्वार ट्रांसफर; आईजी गढ़वाल की रिपोर्ट पर पुलिस मुख्यालय ने कर्णप्रयाग में दर्ज दोनों FIR की जांच चमोली से हरिद्वार ट्रांसफर कर दी, जिसकी निगरानी एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर को सौंपी गई। बिना दस्तार (पगड़ी) के कोर्ट में पेश करने के आरोपों की जांच डीआईजी यशवंत सिंह चौहान को सौंपी गई, जिन्हें 2 हफ्ते में रिपोर्ट देनी है।
  • 24-25 जून- पंजाब लौटे निहंग: गुरुद्वारे में डटे निहंग पंजाब से आए दूसरे जत्थे से मुलाकात के बादवापस पंजाब लौट गए और गुरुद्वारे की व्यवस्था बाबा बेअंत सिंह को सौंप दी गई। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चमोली और रुद्रप्रयाग के संवेदनशील क्षेत्रों में BNSS की धारा 163 लागू की गई, जो 27 जून तक प्रभावी है।
  • 25 जून- उत्तराखंड बॉर्डर पर तनातनी: पंजाब और चंडीगढ़ के मोहाली से करीब 150 से 200 निहंगों का जत्था कर्णप्रयाग मामले में गिरफ्तार 4 निहंगों की एफआईआर रद्द करने और उनकी रिहाई की मांग को लेकर दोबारा उत्तराखंड के लिए कूच कर गया।
  • बॉर्डर पर ITBP और PAC तैनात: हिमाचल के रास्ते आए निहंगों को पुलिस-प्रशासन ने उत्तराखंड के कुल्हाड़ चेकपोस्ट (बॉर्डर) पर बैरिकेडिंग लगाकर रोका। इस दौरान निहंगों ने तलवारें और लाठी-डंडे लहराते हुए बैरियर तोड़ दिए और रोकने के लिए खड़े किए गए दो डंपरों में भी तोड़फोड़ की। इसके बाद वे देहरादून-पांवटा राजमार्ग की ओर बढ़ गए, जिससे तनाव फैल गया। पूरे बॉर्डर पर ITBP और PAC तैनात कर दी गई।
  • 25 जून (देर रात)- मैराथन बैठक सफल: देहरादून के प्रेमनगर और रेसकोर्स क्षेत्र तक पहुंचे निहंगों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। देर रात देहरादून के डीएम आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने निहंगों और संगत के साथ मैराथन सकारात्मक बातचीत की।



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