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सेक्टर-5 स्थित धरना स्थल पर प्रदर्शन कर रहे HPSC अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार देर रात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महिला अभ्यर्थियों को बलपूर्वक हिरासत में ले लिया। अभ्यर्थियों का दावा है कि इस दौरान महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की, लाठीचार्ज और बदसलूकी की गई। साथ ही उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए, जिससे वे घटना की रिकॉर्डिंग नहीं कर सके।
अभ्यर्थियों के अनुसार वे सेक्टर-5 स्थित धरना स्थल पर शांतिपूर्ण तरीके से आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। उनका कहना है कि इसके बावजूद पुलिस ने देर रात कार्रवाई कर धरना समाप्त कराया और कई महिला प्रदर्शनकारियों को घसीटते हुए हिरासत में लिया।
अभ्यर्थियों के प्रमुख आरोप
देर रात पुलिस ने धरना स्थल पर कार्रवाई की।
महिला अभ्यर्थियों को बलपूर्वक हिरासत में लिया गया।
लाठीचार्ज और धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप।
मोबाइल फोन जब्त करने का भी दावा।
वीडियो बनाने का मौका नहीं मिलने की बात कही।
‘लोकतंत्र की हत्या’ बताया
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने पुलिस कार्रवाई को “लोकतंत्र की हत्या” करार दिया है। उनका कहना है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने बल प्रयोग का रास्ता अपनाया। अभ्यर्थियों ने इसे ओबीसी वर्ग के छात्रों के साथ अन्याय बताते हुए नाराजगी जताई है।
समाज संगठनों से समर्थन की अपील
HPSC अभ्यर्थियों ने विभिन्न सामाजिक संगठनों और लोगों से सेक्टर-5 पंचकूला पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। उनका कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता।
क्या है मामला?
HPSC से जुड़े अभ्यर्थी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कुछ समय से पंचकूला के सेक्टर-5 में धरना और आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। देर रात हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर अभ्यर्थियों और पुलिस का पक्ष अलग-अलग हो सकता है।
नोट: यह खबर अभ्यर्थियों द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके दावों पर आधारित है। पुलिस या प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से शामिल किया जाना चाहिए।
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