उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते सेवानिवृत कर्मचारी।
पलवल में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने वित्त विधेयक 2025 और 8वें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने एक ज्ञापन प्रधानमंत्री के नाम डीसी को सौंपा। कर्मचारी गुर्जर भवन में एकत्रित हुए, धरना दिया और फिर विरोध प्रदर्श
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यह विरोध प्रदर्शन रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर देशव्यापी मांग दिवस के तहत आयोजित किया गया था।
राज्य कमेटी सदस्य दरयाव सिंह ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए बताया कि वित्त विधेयक 2025 को वापस लेने और 8वें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण के लिए सेवानिवृत्त कर्मचारी पहले भी दो बार राष्ट्रीय स्तर पर डीसी कार्यालयों पर विरोध प्रदर्शन कर केंद्रीय वित्त मंत्री और राज्यपाल को ज्ञापन भेज चुके हैं। यह तीसरी बार है जब प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा गया है।

विरोध प्रदर्शन कर लघु सचिवालय की ओर जाते सेवानिवृत कर्मचारी।
पीएम को सौंपेंगे लाखों हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन
अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन ने फरवरी में कुरुक्षेत्र में हुए अपने दूसरे राष्ट्रीय अधिवेशन में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत, संघ अब पूरे देश में अपने सदस्यों का हस्ताक्षर अभियान चलाएगा। आगामी 17 दिसंबर को पेंशन भोगी दिवस के अवसर पर लाखों हस्ताक्षरों वाला एक ज्ञापन प्रधानमंत्री को सौंपा जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया है कि जब तक वित्त विधेयक 2025 वापस नहीं होगा और आठवां वेतन आयोग पेंशन का पुनरीक्षण नहीं करेगा, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

गुर्जर भवन में बैठे सेवानिवृत कर्मचारी।
बोले- पेंशन अधिकार है, उपहार नहीं
वरिष्ठ उप प्रधान देवेंद्र नंबरदार ने कहा कि 1982 के सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले के अनुसार, पेंशन एक अधिकार है, न कि कोई इनाम या उपहार। यह सेवानिवृत्त व्यक्तियों के सम्मान की गारंटी देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस निर्णय का सरासर उल्लंघन कर रही है और पेंशन फंड रेगुलेट्री डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) के माध्यम से पेंशन कोष के रूप में एकत्रित 14 लाख करोड़ रुपए की राशि को अपने चहेते पूंजीपतियों को देना चाहती है, जिसे कर्मचारी बर्दाश्त नहीं करेंगे।







