Related Posts

Nepal Youth Protest | PM Balen Shah Resignation Demand; 3 Suicides in 3 Days


काठमांडू52 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

नेपाल में युवाओं की बढ़ती नाराजगी फिर से सड़कों पर दिखाई देने लगी है। पिछले तीन दिनों में तीन युवाओं ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। इनमें से दो की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से झुलसा हुआ अस्पताल में भर्ती है।

प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ‘बालेन’ के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। राजधानी काठमांडू में युवा प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस ने सरकार पर युवाओं में उम्मीद और भरोसा जगाने में विफल रहने का आरोप लगाया है।

जेन-जी नेपाल संगठन ने प्रधानमंत्री बालेन शाह पर जनविरोधी और निरंकुश तरीके से शासन चलाने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि बजट व नीतियों में युवाओं के रोजगार और आय बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।

2023 में बालेन शाह ने आत्मदाह को सरकार की विफलता कहा था

प्रदर्शनकारियों ने 9 सितंबर को संसद भवन पर कब्जे के बाद उत्पात मचाया था। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के हथियार भी लूट लिए थे।

2023 की वह घटना भी चर्चा में है, जब प्रेम आचार्य ने आत्मदाह किया था। उस समय काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह ने इसे राज्य की चरम विफलता बताया था। अब मौजूदा घटनाओं पर उनकी चुप्पी विपक्ष और प्रदर्शनकारियों के निशाने पर है।

नेपाल में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने युवाओं की मानसिक स्थिति, बेरोजगारी और सरकारी नीतियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि यदि सरकार ने जल्द प्रभावी कदम नहीं उठाए तो विरोध और तेज हो सकता है।

GenZ प्रोटेस्ट में विरोध का चेहरा बने बालेन

2022 में मेयर बनने के बाद बालेन ने शहर की सफाई, विरासत संरक्षण और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती के कदम उठाए। अवैध निर्माण पर कार्रवाई से ट्रैफिक सुधरा, हालांकि इसका विरोध भी हुआ, खासकर सड़क किनारे दुकानदारों और झुग्गी बस्तियों के लोगों से।

बालेन शाह का प्रभाव केवल प्रशासन तक सीमित नहीं रहा। पिछले साल सितंबर में हुए प्रदर्शनों के दौरान उनके गाने युवाओं के बीच गूंजते रहे। इन प्रदर्शनों में 77 लोगों की मौत हुई थी और इसके पीछे सोशल मीडिया पर प्रतिबंध, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और धीमी अर्थव्यवस्था को लेकर लोगों का गुस्सा था। प्रदर्शनकारियों ने उनके गाने ‘नेपाल हंसेको’ को एक तरह का प्रतीक बना लिया।

5 मार्च को हुए आम चुनाव में उनकी पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की, जिससे नेपाल की पारंपरिक राजनीति को बड़ा झटका लगा। बालेन शाह ने झापा-5 सीट से पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को हराकर अपनी राजनीतिक ताकत साबित की। 35 साल की उम्र में प्रधानमंत्री पद संभालते ही वह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए हैं।

खबरें और भी हैं…



Source link

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें