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लुधियाना के पखोवाल रोड स्थित पॉश सेंट्रा ग्रीन्स रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (CGRWA) के चुनाव विवादों में घिर गए हैं। 19 जुलाई 2026 को होने वाले चुनाव को लेकर सोसायटी निवासी शिवनेत्र वर्मा ने अदालत का रुख किया है। मामले में आज सुनवाई होनी है, जिसके ल
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याचिकाकर्ता ने मौजूदा प्रधान सुरिंदर कुमार प्रभाकर, चुनाव प्रभारी सरबजीत सिंह ढिल्लों समेत 13 लोगों को प्रतिवादी बनाया है। उन्होंने पूरी चुनाव प्रक्रिया को असंवैधानिक बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की है।
समझे क्या है पूरा मामला
सेंट्रा ग्रीन्स सोसायटी में कुल 538 फ्लैट हैं, जिनमें से करीब 500 सक्रिय मतदाता हैं। सोसायटी के बायलॉज के अनुसार, नियमों में किसी भी बदलाव (जैसे कमेटी सदस्यों की संख्या में परिवर्तन) के लिए कुल निवासियों के 2/3 बहुमत यानी लगभग 333 सदस्यों की सहमति जरूरी है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि 3 मई 2026 को हुई जनरल बॉडी मीटिंग (GBM) में कमेटी के 21 पदों को घटाकर 12 करने का प्रस्ताव केवल 63 लोगों की सहमति से पारित कर दिया गया, जबकि 13 सदस्यों ने इसका विरोध किया था। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह प्रक्रिया सोसायटी के 2/3 बहुमत वाले नियम का सीधा उल्लंघन है।
बिना चुनाव ‘निर्विरोध’ विजेता की घोषणा:
याचिकाकर्ता शिवनेत्र वर्मा के अनुसार, 11 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे ‘MyGate App’ पर उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की गई। इसमें 11 सदस्यों को उनके पदों के साथ निर्विरोध निर्वाचित बताया गया, जबकि चुनाव 19 जुलाई को होना निर्धारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल मेंटेनेंस सेक्रेटरी के एक पद के लिए ही चुनाव करवाया जा रहा है, जिस पर शिवनेत्र वर्मा और संजीव गुप्ता आमने-सामने हैं।
अवैध चुनाव समिति और व्हाट्सएप वोटिंग
याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव समिति का गठन भी नियमों के अनुसार नहीं किया गया। बायलॉज के मुताबिक, चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से होने चाहिए थे, लेकिन चुनाव प्रभारी सरबजीत सिंह ने कथित तौर पर अपनी ओर से 13 जुलाई को एक पत्र जारी कर व्हाट्सएप नंबर (98156-95825) के जरिए ऑनलाइन वोटिंग की घोषणा कर दी।
कोर्ट से यह 4 मांगे:-
- याचिकाकर्ता ने लुधियाना कोर्ट से अपील की है कि 11 जुलाई को जारी 12 उम्मीदवारों की सूची को अवैध और शून्य घोषित किया जाए। याचिका में कहा गया है कि इस सूची में 11 सदस्यों को पहले ही निर्विरोध पद दिए जा चुके हैं।
- व्हाट्सएप के जरिए कराई जा रही वोटिंग प्रक्रिया और 21 सदस्यों की जगह 12 सदस्यों की कमेटी बनाने के 3 मई 2026 के प्रस्ताव को रद्द करने की मांग की गई है।
- 19 जुलाई 2026 को होने वाले चुनाव पर स्थायी रोक लगाने और नए चुनाव आयुक्त (Election Commissioner) की नियुक्ति करने की मांग की गई है।
- मूल 21 सदस्यों वाली कमेटी के आधार पर बैलेट पेपर के माध्यम से निष्पक्ष चुनाव करवाने के आदेश जारी करने की मांग की गई है।
कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए समन जारी कर दिए हैं। ये समन 17 जुलाई 2026 को शाम 7:25 बजे सोसायटी के क्लब हाउस में रिसीव किए गए। अब सभी की नजरें आज (18 जुलाई) होने वाली कोर्ट सुनवाई पर टिकी हैं, जिसके बाद स्पष्ट होगा कि 19 जुलाई को प्रस्तावित CGRWA चुनाव को लेकर अदालत क्या फैसला सुनाती है।







