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Kurukshetra Super-100 Abuse Allegations | NHRC Complaint


कुरुक्षेत्र के ढांड रोड पर जाम खुलवाते पुलिस कर्मी। बच्चे को नहीं लेकर जाने पर अभिभावकों ने जाम लगाया था। (फाइल फोटो)

हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के बराना गांव स्थित सुपर 100 NGO (स्केल) पर गंभीर आरोप लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है। कार्यकर्ता ने संस्थान में पढ़ रहे बच्चों पर अमानवीय व्यवहार, मान

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सामाजिक कार्यकर्ता श्वेता ढुल ने NHRC को संस्थान की स्थिति के बारे मेल भेजी है। उन्होंने शिकायत में कहा कि सरकार के संरक्षण में चल रहे इस संस्थान में बच्चों को IIT समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाती है, लेकिन अंदर की स्थिति बेहद चिंताजनक है।

बच्चों को इच्छा के खिलाफ रोकने का आरोप

श्वेता ढुल ने आरोप लगाया कि कई बच्चों को उनकी इच्छा के विरुद्ध संस्थान में रोका जा रहा है। अभिभावक अपने बच्चों को वापस ले जाने पहुंचे तो उन्हें विभिन्न नियमों और अधिकारियों के पत्रों का हवाला देकर रोका गया। आरोप है कि बच्चों को छोड़ने के लिए DEO सहित अन्य अधिकारियों की अनुमति मांगी गई।

सुपर-100 स्कूल में हंगामा करते अभिभावक।

सुपर-100 स्कूल में हंगामा करते अभिभावक।

गंदा पानी और बदहाल सुविधाओं के आरोप

शिकायत में संस्था की रहने और खाने की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि बच्चों को बदबूदार और कीड़ों वाला पानी पीने के लिए मजबूर किया जा रहा है। करीब 250 बच्चों के लिए केवल 7 से 8 शौचालय होने की शिकायत है। आरोप यह भी है कि कई बार बच्चों को लंबे समय तक शौचालय तक जाने की अनुमति नहीं दी जाती।

मानसिक दबाव और मारपीट के आरोप

आरोप लगाया कि संस्थान में बच्चों पर मानसिक दबाव बनाया जाता है। कई बच्चों में डर और तनाव के हालात देखने को मिले। संस्थान से बाहर आने वाले कुछ बच्चे सामान्य तरीके से बात तक नहीं कर पा रहे। एक बच्चे ने संस्थान से बाहर निकलते ही कहा कि मैं आजाद हो गया। बच्चों के साथ मारपीट और शारीरिक हिंसा के भी आरोप लगाए हैं।

रिकॉर्डेड बयान दिलवाए गए

आरोप लगाया कि संस्थान ने अपनी छवि बचाने के लिए कुछ बच्चों से दबाव में लिखित और रिकॉर्डेड बयान दिलवाए। ढुल ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने संस्थान में रह रहे सभी बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की स्वतंत्र जांच की मांग की।

अपने लेवल पर जांच कर चुके- DEO

जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) विनोद कौशिक ने बताया कि उन्होंने पिछले दिनों स्कूल में जाकर विजिट की थी। इस तरह के कोई हालात नजर नहीं आए। साथ ही बच्चों के साथ भी बातचीत की गई थी। ये संस्थान पिछले करीब 3 साल से काम कर रहा है।

इस साल नया सेशन 13 मई से शुरू हुआ है। शायद बच्चे अभी उस माहौल में ढल नहीं पा रहे। किसी को कोई शिकायत है, तो उनसे मिल सकता है।



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