करनाल का सुपनदीप दो साल पहले अमेरिका गया था। मौत की सूचना पर करनाल में रोते-बिलखते परिजन। इनसेट में सुपनदीप की फाइल फोटो।
हरियाणा के करनाल जिले के रहने वाले 20 वर्षीय युवक की अमेरिका में हार्टअटैक से मौत हो गई। युवक अमेरिा के सैक्रामेंटो शहर में एक स्टोर पर जॉब करता था। घटना वाले दिन भी वह ड्यूटी खत्म कर रूप पर लौटा, खाना खाया और सोने चला गया।
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नाइट शिफ्ट शुरु होने से पहले उसके दोस्त उसे लेने पहुंचे तो रूम का दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर युवक को बेसुध हालत में पड़ा देख उनके होश उड़ गए। दोस्तों ने तुरंत उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद दोस्तों ने ही परिवार को इसकी जानकारी दी। परिवार के मुताबिक, युवक दो साल पहले दो एकड़ जमीन बेचकर कनाडा गया था। कनाडा में कुछ दिन रहने के बाद वह अमेरिका चला गया था। मौत से दो दिन पहले परिवार की उससे बात हुई थी। युवक ने कहा था- चिंता ना करों, सारे कर्ज उतार दूंगा।
बेटे की मौत से परिजन सदमे में है। उन्होंने परिवार ने सरकार, विदेश मंत्रालय और अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय से बेटे के शव को भारत लाने में मदद करने की गुहार लगाई है, ताकि बेटे को देश की मिट्टी नसीब हो सके।

युवक सुपनदीप के पिता की मौत हो चुकी है। परिवार में मां और बड़ी बहन है। चाचा और दादी-दादी ने उसका पालन-पोषण किया था।

पोते की मौत की सचूना के बाद विलाप करती दादी व मां।
युवक के भारत से अमेरिका तक सफर की पूरी कहानी…
- पहले कनाडा, फिर डंकी रूट से अमेरिका गया : मृतक युवक सुपनदीप सिंह करनाल जिले के गांव सेखपुरा मंचूरी का रहने वाला था। चाचा गुरदेव सिंह ने बताया कि परिवार ने सुपनदीप सिंह को बेहतर भविष्य की तलाश में करीब दो वर्ष पहले कनाडा भेजा था। कनाडा में कुछ दिन रहने के बाद वह डंकी रूट के जरिए अमेरिका पहुंच गया था।
- 2 एकड़ जमीन बेचकर जुटाए थे रुपए : गुरदेव सिंह के मुताबिक, परिवार ने सुपनदीप को कनाडा भेजने के लिए अपनी करीब 2 एकड़ जमीन बेच दी थी। कनाडा में रहने के दौरान भतीजे ने कई जगह नौकरी की, लेकिन पैसे ठीक नहीं मिलने के कारण वह अमेरिका चला गया था। वर्तमान में वह अमेरिका के सैक्रामेंटो शहर में रहकर एक स्टोर पर नौकरी कर रहा था। सैक्रामेंटो शहर में ही रह रहे करनाल के ही कुछ युवकों के साथ किराए पर रहता था।
- नाइट शिफ्ट करने के बाद रूम पर लौटा था : गुरदेव सिंह ने बताया कि सुपनदीप नाइट शिफ्ट में काम करता था। घटना वाले दिन भी वह ड्यूटी खत्म कर सुबह घर लौटा था। इसके बाद खाना खाकर सो गया था। शाम को जब उसके दोस्तों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, तो वह अंदर से बंद था।
- गेट तोड़कर पहुंचे दोस्तों को बेसुध हालत में मिला: इसके बाद युवकों के कई बार आवाज लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर जाकर देखा तो सुपनदीप अचेत अवस्था में पड़ा था। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है।

सुपनदीप की मौत के बाद घर पर शोक व्यक्त करते ग्रामीण।
युवक सुपनदीप के परिवार ने बताईं ये बातें…
- 9 साल पहले पिता का भी हो चुका निधन : गुरदेव सिंह ने बताया कि सुपनदीप के पिता गुरदीप सिंह का करीब 9 वर्ष पहले निधन हो गया था। परिवार में उसकी मां और एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। पिता की मौत के बाद सुपनदीप की परवरिश उसके चाचा और दादा-दादी ने मिलकर की थी। परिवार की उम्मीदें उसी पर टिकी थीं।
- मौत से दो दिन पहले कहा था- सारे कर्ज उतार दूंगा : परिजनों के अनुसार, मौत से दो दिन पहले ही सुपनदीप की फोन पर परिवार से बात हुई थी। उसने अपनी मां, दादा-दादी और चाचा से बातचीत करते हुए कहा था कि वे किसी बात की चिंता न करें। वह मेहनत करके परिवार के सभी कर्ज चुका देगा और जो जमीन बिकी है, उसे भी वापस खरीद लेगा। उसके इन शब्दों को याद कर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
- शव भारत लाने की लगाई गुहार : सुपनदीप की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों ने केंद्र, राज्य सरकार, विदेश मंत्रालय, सामाजिक संस्थाओं और अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय से मदद की अपील की है। परिवार चाहता है कि सुपनदीप का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए ताकि उसकी मां, बहन और अन्य परिजन अंतिम दर्शन कर सकें और रीति-रिवाज के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया जा सके।

घर पर शोक व्यक्त करते परिजन।
5 महीने में करनाल के 6 लोगों की विदेश में मौत
करनाल से कई बच्चे विदेश पढ़ने या परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश जाते हैं। कोई कनाडा तो कोई अमेरिका जाता है। मगर, बीते 6 महीनों में ही विदेशों में सात युवकों की मौत से राज्य और परिवारों को बड़ा झटका लगा है। ताजा मामला युवक सुपनदीप का है। इससे पहले छह युवकों की भी बीमारी, हादसों में मौत हो चुकी है।
14 दिन पहले ही अमेरिका के इंडियाना राज्य के प्लेनफील्ड इलाके में 12 मई को हुए सड़क हादसे में करनाल के शिव कॉलोनी निवासी प्रवीन (40) की मौत हो गई। वह रेड लाइट पर खड़ा था, तभी पीछे से तेज रफ्तार कार ने उसकी गाड़ी को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
वहीं, दो महीने पहले बसंत विहार निवासी युवक की रूस में मौत हो गई। युवक टूरिस्ट वीजा पर 16 मार्च को विदेश गया था। परिवार को उसकी मौत की सूचना वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से मिली। बताया जा रहा है कि युवक की गिरने से मौत हुई। इसी तरह टेक्सास शहर में फूड स्टोर में लगी आग में जिंदा जलकर करनाल के ही गंगाटेहड़ी गांव निवासी सुखविंद्र सिंह (22) की मौत हो गई थी।
दो महीने पहले ही घोघगड़ीपुर गांव के एक 20 वर्षीय युवक की अमेरिका में सड़क हादसे में मौत हो गई। युवक अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए विदेश गया था। वहीं, कैमला गांव के युवक मुकेश कुमार की स्पेन में 5 महीने पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई।
इन्द्री के गांव समौरा के चेतक शर्मा की भी अमेरिका के जॉर्जिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक करीब दो साल पहले रोजगार की तलाश में विदेश गया था और वहीं पर स्टोर में काम कर रहा था।
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करनाल जिला में इन्द्री क्षेत्र के गांव समौरा के एक युवक की अमेरिका के जॉर्जिया में गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक करीब दो साल पहले रोजगार की तलाश में विदेश गया था और वहीं पर स्टोर में काम कर रहा था। घटना के बाद वहां की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और हत्या के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…







