हरियाणा के हिसार की गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में 16 अप्रैल को हुआ विवाद शांत नहीं हो रहा। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर लिखा- हमारे ऊपर FIR तो दर्ज हुई, हमारे साथियों को गिरफ्तार भी कर लिया, लेकिन अब तक एफआईआ
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उधर, जिस FIR को लेकर दुष्यंत चौटाला पुलिस प्रशासन के खिलाफ मुखर है, उसकी कॉपी दैनिक भास्कर एप के पास है। इस एफआईआर में JJP के छात्र संगठन इनसो (INSO) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला का नाम सबसे आगे है। दंगा भड़काने की धारा 191 (2) समेत कुल 7 सेक्शन लगाई गई हैं।
एफआईआर में लिखा है- दिग्विजय साथियों समेत जबरन यूनिवर्सिटी वीसी ऑफिस घुसे। हुड़दंग मचाया, जिससे कर्मचारियों और स्टूडेंट्स में दशहत फैली। विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर अनिल कुमार की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में इनसो प्रदेश अध्यक्ष दीपक मलिक, हरिंदर बेनीवाल, आशीष कुंडू, रोहित सोनी, हरिकेश ढांडा, जितेंद्र श्योराण और अज्जू घणघस को नामजद किया गया है।
दुष्यंत चौटाला की ओर से एफआईआर ना मिलने के बारे में की गई पोस्ट।
जानिए पुलिस एफआईआर में क्या कहा गया…
- जबरन यूनिवर्सिटी में दाखिल हुए : यूनिवर्सिटी के प्रॉक्टर अनिल कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 16 अप्रैल को करीब दोपहर 12:15 बजे इनसो (INSO) के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला, इनसो प्रदेश अध्यक्ष दीपक मलिक, हरिंदर बेनीवाल, आशीष कुंडू, रोहित सोनी, हरिकेश ढांडा, जितेंद्र श्योराण और अज्जू घणघस ने कई अज्ञात साथियों के साथ विश्वविद्यालय परिसर में जबरन प्रवेश किया। उनका प्रवेश अनधिकृत था। इनका उद्देश्य शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण को बाधित करना था।
- वीसी कार्यालय में हिंसा: यह समूह कुलपति (VC) कार्यालय तक गया, जहां उन्होंने आक्रामक हुड़दंगबाजी की। उन्होंने जानबूझकर दंगे जैसी स्थिति पैदा की, जिससे कर्मचारियों और छात्रों में दहशत फैल गई।
- संपत्ति को नुकसान: कुलपति कार्यालय में लगे कैमरे में यह पूरा मामला कैद है। सुरक्षाकर्मियों ने भी इन्हें कुलपति कार्यालय के मुख्य द्वार को तोड़ने और नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हुए देखा। उनकी हरकतों से विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान हुआ।
- कानून की अवहेलना: विश्वविद्यालय ने 14 अप्रैल 2026 और 11 अप्रैल 2026 को ऐसी किसी भी सभा के लिए पहले ही औपचारिक मनाही जारी कर दी थी, फिर भी इन व्यक्तियों ने जानबूझकर कानून और परिसर सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया।
- लोक सेवकों को रोकना और घुसपैठ: हुड़दंगियों ने न केवल लोक सेवकों यानी पुलिस को रोका, बल्कि पुलिसकर्मियों को धक्का देकर पूरी तरह से हंगामा भी खड़ा किया। इसके अलावा उन्होंने दिन-दहाड़े विश्वविद्यालय के भीतर घुसपैठ की। विश्वविद्यालय सुरक्षा कार्यालय जांच में सहायता के लिए सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के विवरण प्रदान करेगा।
चंडीगढ़ में प्रेस कान्फ्रेस में सीआईए इंचार्ज पवन कुमार को फोटो में दिखाते दुष्यंत चौटाला।
दुष्यंत चौटाला कल आएंगे हिसार
वहीं, इस पूरे मामले और एफआईआर की कॉपी न मिलने के बाद दुष्यंत चौटाला कल यानि 24 अप्रैल को सुबह करीब 10 बजे हिसार आएंगे। वह पार्टी कार्यालय में वर्करों से मिलेंगे और 27 अप्रैल को छात्र महापंचायत को लेकर ड्यूटी लगा सकते हैं। इसके अलावा वे सीआईए इंचार्ज पवन कुमार और हिसार पुलिस को लेकर भी अपनी बात वर्करों के बीच रख सकते हैं।
बता दें कि जीजेयू प्रकरण के बाद से ही दुष्यंत चौटाला अपने भाई दिग्विजय चौटाला और इस केस में आरोपी बनाए गए जजपा नेताओं और छात्रों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। वे हिसार,चंडीगढ़ और पंचकूला में प्रेस कान्फ्रेस कर चुके हैं।
दिग्विजय चौटाला की ओर से की गई पोस्ट।
दिग्विजय चौटाला बोले-सीआईए इंचार्ज के पास हथियार अवैध
वहीं, सीआईए इंचार्ज पवन कुमार की जजपा के जिला प्रवक्ता रवि आहूजा के घर रेड का सीसीटीवी वीडियो वायरल होने के बाद दिग्विजय चौटाला ने हिसार पुलिस को आड़े हाथों लिया है। दिग्विजय चौटाला ने सोशल मीडिया पर डीएसपी कंवलजीत के उस बयान को कोट किया है, जिसमें वह कह रहे हैं कि सीआईए इंचार्ज के पास कोई हथियार नहीं था। बकायदा उसकी रजिस्ट्री में एंट्री है।
इस पर दिग्विजय चौटाला ने रेड का वीडियो साथ लगाकर कहा है कि “पुलिस एक झूठ को छुपाने के लिए सौ झूठ बोल रही है। बचेगी नहीं, न्यायिक अदालत और जनता की अदालत में बुरी तरह फस चुकी है”।
सीआईए इंचार्ज पवन कुमार दुष्यंत चौटाला के काफिला को रूकवाते हुए। इसके बाद दुष्यंत चौटाला उनकी गाड़ी के पीछे दौड़ पड़े थे।
GJU विवाद से लेकर काफिला रोकने तक क्या-क्या हुआ, जानिए…
- 16 अप्रैल को GJU में प्रदर्शन : 16 अप्रैल को जेजेपी के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला अपने समर्थकों के साथ गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में वीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने वीसी ऑफिस का गेट तोड़ने की कोशिश की। इस मामले में हिसार पुलिस ने दिग्विजय चौटाला समेत 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। साथ ही 6 जजपा नेताओं को गिरफ्तार भी किया गया। हालांकि, बाद में सभी को जमानत मिल गई।
- 17 अप्रैल को CIA इंचार्ज से विवाद 17 अप्रैल को दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय चौटाला इसी मामले में गिरफ्तारी देने के लिए हिसार एसपी ऑफिस जा रहे थे। दुष्यंत चौटाला ने आरोप लगाया कि ओल्ड सब्जी मंडी पुल के पास CIA इंचार्ज पवन कुमार ने काफिला रुकवाया, हथियार ताना और कुचलने की कोशिश की।वहीं, CIA इंचार्ज पवन कुमार का कहना है कि काफिले में शामिल पायलट गाड़ी ने उन्हें टक्कर मारने की कोशिश की थी। उन्होंने पायलट गाड़ी के ड्राइवर को रोककर समझाया था।
- 18 अप्रैल को दोनों पक्षों ने दी शिकायत : दुष्यंत चौटाला और CIA इंचार्ज पवन कुमार ने एक-दूसरे के खिलाफ हिसार के अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दी है। पुलिस ने मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) गठित की है। इस मामले की जांच डीएसपी कमलजीत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों शिकायतों की जांच की जा रही है।
यहां हिसार पुलिस की ओर से दर्ज FIR की कॉपी पढ़िए…
एफआईआर में लगाई गई धाराएं।
एफआईआर में दिग्विजय चौटाला का नाम सबसे पहले लिखा हुआ है।
एफआईआर में दी शिकायत।
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