हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के होमटाउन (गृहनगर) और स्थायी पते (Permanent Address) को लेकर लंबे समय से बनी असमंजस की स्थिति को समाप्त कर दिया है। मानव संसाधन विभाग (HR Department) ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया
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सरकार के अनुसार, “होमटाउन” और “स्थायी पता” दोनों अलग-अलग अवधारणाएं हैं और इन्हें एक-दूसरे का विकल्प नहीं माना जा सकता। यह आदेश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड-निगमों, उपायुक्तों, विश्वविद्यालयों और अन्य सरकारी कार्यालयों को भेजा गया है।

हरियाणा सरकार के एचआरडी की ओर से जारी पत्र।

हरियाणा सरकार के एचआरडी की ओर से जारी पत्र।
स्थायी पता बदला जा सकेगा
निर्देशों के अनुसार यदि कोई सरकारी कर्मचारी नौकरी के दौरान किसी नए शहर में स्थायी रूप से बस जाता है या वहां संपत्ति खरीद लेता है, तो सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से उसका स्थायी पता बदला जा सकता है। हालांकि, इस आधार पर उसका होमटाउन नहीं बदलेगा।

गजटेड अधिकारियों पर रहेगा पुराना नियम
सरकार ने कहा है कि गजटेड अधिकारियों को उनके होम डिस्ट्रिक्ट में पोस्टिंग नहीं देने का उद्देश्य निष्पक्षता बनाए रखना है। स्थानीय रिश्तेदारों, सामाजिक प्रभाव और हितों के टकराव से बचने के लिए यह व्यवस्था जारी रहेगी, ताकि भूमि, कानून-व्यवस्था, कराधान और विकास परियोजनाओं जैसे संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष निर्णय सुनिश्चित किए जा सकें। पहले से मंजूर मामलों में नहीं होगी दोबारा समीक्षा
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों के होमटाउन या स्थायी पते में पहले ही सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से परिवर्तन किया जा चुका है, उन मामलों को दोबारा नहीं खोला जाएगा।







