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पंचकूला में हरियाणा एग्री-बिजनेस एवं कोल्ड-चेन केंद्र (HACE) का रिमोट का बटन दबाकर शिलान्यास करते सीएम नायब सैनी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला के इन्द्रधनुष ऑडिटोरियम से जापान इंटरनेशनल कॉपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से शुरू की गई ‘जाइका वित्तपोषित सतत बागवानी संवर्धन परियोजना-हरियाणा (SHPP-Haryana)’ का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हरियाणा एग्र

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इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने, फसल विविधिकरण को प्रोत्साहित करने और आधुनिक कृषि अवसंरचना विकसित करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम में बागवानी विभाग के निदेशक अर्जुन सैनी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) विजयेंद्र सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, किसान प्रतिनिधि और विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों के सदस्य मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद सीएम नायब सैनी व कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा।

कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद सीएम नायब सैनी व कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा।

अब जानिए योजना से कैसे मिलेगा लाभ…

  • 402 पैक हाउस और 3 फुलफिलमेंट सेंटर बनेंगे : परियोजना के तहत कृषि उत्पादों के बेहतर प्रबंधन और विपणन के लिए 402 फीड पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस तथा 3 फुलफिलमेंट सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इन सुविधाओं से फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आएगी और किसानों की बाजार तक पहुंच मजबूत होगी।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ेगा हरियाणा का किसान: सरकार की योजना सभी किसान उत्पादक संगठनों को सोनीपत के गन्नौर में विकसित हो रही एशिया की सबसे आधुनिक इंडिया इंटरनेशनल हॉर्टिकल्चर मार्केट से जोड़ने की है। इससे किसानों की उपज को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने का रास्ता खुलेगा और निर्यात के नए अवसर मिलेंगे।
  • आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी किसानों की आय: परियोजना के तहत बागवानी क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा। किसानों को बेहतर उत्पादन, गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग, कोल्ड-चेन और मार्केटिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे खेती की लागत कम होगी और आय में बढ़ोतरी होगी।
  • 1.56 लाख किसानों को मिलेगा सीधा फायदा: परियोजना के तहत हरियाणा के करीब 1 लाख 56 हजार किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। राज्यभर में 500 से अधिक किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को आधुनिक ग्रेडिंग, पैकेजिंग, भंडारण और ई-मार्केटिंग सुविधाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।



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