34 मिनट पहले
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गुरुग्राम में पंजाब के मुख्यमंत्री की वीडियो की फर्जी रिपोर्ट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पंजाब के कथित अफसरों ने गुरुग्राम के पॉश इलाके में स्थित फाइव स्टार होटल ‘क्राउन प्लाजा’ में सीक्रेट मीटिंग कर फर्जी रिपोर्ट तैयार करवाई थी। इस कथित ‘सीक्रेट मीटिंग’ का एक सीसीटीवी फुटेज और व्हाट्सएप चैटिंग लीक हो गई है, जिसने पंजाब से लेकर हरियाणा तक के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। गुरुग्राम पुलिस अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है।
CCTV में दिखे पांच चेहरे, दो बड़े अफसरों पर शक
लीक हुए सीसीटीवी फुटेज में होटल क्राउन प्लाजा के भीतर पांच लोग एक साथ बैठकर बेहद गंभीर चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि इन पांच लोगों में से दो इस मामले के मुख्य आरोपी हैं, जबकि एक व्यक्ति शिकायतकर्ता बताया जा रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस टेबल पर बैठे अन्य दो लोगों के बारे में दावा किया जा रहा है कि वे पंजाब सरकार के बेहद रसूखदार और बड़े अधिकारी हैं। दावा है कि यह पूरी बैठक मुख्यमंत्री भगवंत मान के वीडियो मामले की जांच को प्रभावित करने और उसके पक्ष में एक फर्जी रिपोर्ट तैयार करवाने के मकसद से बुलाई गई थी।
वाट्स चैट ने खोले राज, कड़ियां खंगाल रही पुलिस
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के ठीक बाद इस मामले से जुड़ी एक व्हाट्सएप चैट भी सार्वजनिक हुई है। इस चैट में कथित तौर पर अधिकारियों और आरोपियों के बीच हुई बातचीत का ब्योरा है, जिसमें रिपोर्ट को किस तरह से तोड़-मरोड़ कर पेश करना है और इसके बदले में क्या लेनदेन होना है, इसकी रूपरेखा तैयार की जा रही थी।
इस तकनीकी सबूत के सामने आने के बाद पुलिस ने अपनी जांच का दायरा काफी बढ़ा दिया है। पुलिस की एक विशेष टीम अब इस मामले में संलिप्त पंजाब के इन बड़े अधिकारियों के बैकग्राउंड, उनके विभागों और आरोपियों के साथ उनके पुराने लिंक की गहनता से जांच कर रही है।
होटल के दस्तावेज जब्त, जांच तेज
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने होटल क्राउन प्लाजा का दौरा कर उस खास दिन के एंट्री रजिस्टर, डिजिटल चेक-इन रिकॉर्ड और रूम बुकिंग से संबंधित सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि होटल के कमरे किसके नाम पर बुक किए गए थे और इस मीटिंग का पूरा खर्च किसने उठाया था।
जांच अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी में दिख रहे चेहरों का मिलान किया जा रहा है और जल्द ही संबंधित अधिकारियों को पूछताछ के लिए समन भेजा जा सकता है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस फर्जी रिपोर्ट के बदले किसी बड़ी रकम या रिश्वत का लेन-देन भी हुआ था।
इस बारे में एसीपी क्राइम नवीन शर्मा का कहना है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस मामले में जो भी अपडेट होगी, वो शेयर की जाएगी।








