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फरीदाबाद में साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। तीन अलग-अलग मामलों में साइबर अपराधियों ने शेयर बाजार में मोटा मुनाफा दिलाने, सरकारी अधिकारी बनकर बैंक खाते की जांच करने और कूरियर फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर तीन लोग

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तीनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर साइबर थाना एनआईटी और साइबर अपराध थाना सेंट्रल फरीदाबाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मेडिकल स्टोर संचालक से हड़पे 15 लाख

पहला मामला सैनिक कॉलोनी निवासी हरविंद्र पाल सिंह का है, जो एसजीएम नगर में मेडिकल स्टोर चलाते हैं। उन्होंने यूट्यूब पर ऑनलाइन ट्रेडिंग और शेयर बाजार से मोटा मुनाफा कमाने का वीडियो देखा। वीडियो में दिए गए नंबर पर संपर्क करने के बाद उन्हें व्हाट्सएप के जरिए एक लिंक भेजा गया और कथित पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस (पीएमएस) का खाता खुलवाया गया।

उन्होंने सबसे पहले 10 हजार रुपए निवेश किए, जिस पर उन्हें लाभ सहित 12 हजार 168 रुपए वापस मिले। इससे उनका भरोसा बढ़ गया। इसके बाद ठगों ने उनसे अलग-अलग तारीखों में निवेश और आईपीओ के नाम पर लगातार पैसे जमा कराए। जब उन्होंने अपनी रकम निकालनी चाही तो नए-नए बहाने बनाकर और पैसे मांगे गए। इस पूरे मामले में उन्हें केवल 62 हजार 168 रुपए ही वापस मिले, जबकि कुल 15 लाख 8 हजार 832 रुपए की ठगी हो गई।

सरकारी अधिकारी बनकर महिला से ठगी

दूसरा मामला सेक्टर-82 स्थित पुरी प्रणायम सोसाइटी निवासी कमलेश दुडेजा का है। उन्हें व्हाट्सएप पर एक कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को सरकारी अधिकारी बताया। आरोपी ने कहा कि उनका बैंक खाता जांच के दायरे में है और उसमें जमा राशि का सत्यापन करना जरूरी है।

उसकी बातों में आकर महिला ने अपने बैंक खाते से 6 लाख रुपए बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी ने महिला को अपनी सभी एफडी तुड़वाकर और अधिक पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा। इसी दौरान महिला के परिजनों को मामले की जानकारी मिल गई और उन्होंने समय रहते उन्हें रोक लिया। इसके बाद महिला ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और साइबर अपराध थाना सेंट्रल में शिकायत दर्ज कराई।

कूरियर कंपनी की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा दिया

तीसरा मामला सेक्टर-31 स्थित स्प्रिंग फील्ड कॉलोनी निवासी कारोबारी पीयूष अग्रवाल का है। उन्होंने फेसबुक पर कूरियर फ्रेंचाइजी का विज्ञापन देखा था। इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि बनकर बात करने वाले लोगों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि 2.50 लाख रुपए की सिक्योरिटी राशि जमा करने पर कूरियर फ्रेंचाइजी शुरू कर दी जाएगी और यह राशि पूरी तरह वापस कर दी जाएगी।

पीयूष ने अलग-अलग किश्तों में पूरी राशि जमा कर दी। बाद में कंपनी ने ऑनलाइन एग्रीमेंट भी किया, लेकिन न तो फ्रेंचाइजी शुरू कराई और न ही पैसे लौटाए। लगातार बहाने बनाए जाने के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांच

तीनों मामलों में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड, ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी लोगों का भरोसा जीतकर उन्हें निवेश, सरकारी जांच, नौकरी, फ्रेंचाइजी या अन्य आकर्षक योजनाओं का लालच देकर ठगी कर रहे हैं।



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