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CM बोले- 40 किलोमीटर के दायरे में तैनात होंगी महिलाएं:बठिंडा में 658 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे; कहा-पहले नौकरियां बेची जाती थी




पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सोमवार (23 जून) को बठिंडा पहुंचे, जहां उन्होंने विभिन्न विभागों में नियुक्त 658 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि ग्रुप-सी और ग्रुप-डी में नियुक्त महिलाओं की प्रोबेशन अवधि पूरी होने के बाद तैनाती उनके स्थायी पते से 40 किंमी के दायरे में की जाएगी। इसके लिए सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि NEET जैसी परीक्षा भी सही ढंग से नहीं करवाई जा रही और अब तक 93 पेपर लीक हो चुके हैं। वहीं, उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार के कार्यकाल में अब तक किसी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है। मान ने कहा कि पहले नौकरियां बेची जाती थीं, लेकिन अब पूरी तरह मेरिट के आधार पर भर्ती की जा रही है। अब 5 पॉइंट में जानिए मुख्यमंत्री xने और क्या-क्या कहा: पहले नौकरियां बिकती थीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पहले पंजाब में नौकरियां बिकती थीं। नौकरी के हिसाब से रेट तय थे। 40 लाख, 50 लाख और 70 लाख रुपये तक लिए जाते थे। अगर किसी ने 50 लाख रुपये देकर नौकरी ली है तो वह सबसे पहले वह रकम पूरी करने की कोशिश करेगा। क्योंकि केवल वेतन से इतनी बड़ी राशि पूरी नहीं हो सकती। ऐसे माहौल में कई लोगों को मजबूरी में पैसे लेने पड़ जाते थे। जिससे करप्शन को बढ़ाना मिलता था। लेकिन अब यह नहीं है। आज पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में टॉप पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेहनती लोगों को मौका मिलना चाहिए। आज यहां बैठे अधिकारी साधारण परिवारों से आए हैं। उनकी सफलता की कहानियां सुनिए। कई लोगों का सफर साइकिल से सफर शुरू होकर लाल बत्ती वाली कार तक पहुंचा हैं। लाल, हरा या नीला कार्ड आपकी भूख कुछ समय के लिए मिटा सकता है, लेकिन गरीबी केवल शिक्षा से दूर होगी। शिक्षा देना सरकार का काम है और पढ़ाई करना विद्यार्थियों का। उन्होंने दावा किया कि जब हमारी सरकार बनी तो शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब 27वें स्थान पर था, लेकिन अब राज्य पहले स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि केरल को पीछे छोड़कर पंजाब ने यह उपलब्धि हासिल की है। 13 साल की उम्र ऑटोग्राफ शुरू किए मान ने युवाओं को कहा कुर्सी पर बैठा हर व्यक्ति जवाबदेह होता है। उन्होंने अधिकारियों से लोगों के साथ अच्छे व्यवहार और ईमानदारी से काम करने की अपील की। उन्होंने पंजाबी कवि पाश की पंक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि “सबसे खतरनाक होता है सपनों का मर जाना।” उन्होंने कहा कि केवल घर से काम और काम से घर जाने वाली जिंदगी नहीं जीनी चाहिए। मेरा बचपन भी आप लोगों की तरह था। मैंने न तो अभिनेता बनने का सपना देखा था और न ही नेता बनने का। मुख्यमंत्री ने कहा कि 13-14 साल की उम्र में मैंने पहली बार अपना ऑटोग्राफ देने का सपना देखा था और तब पूछा करता था कि ऑटोग्राफ कैसे दिए जाते हैं। 40 किलोमीटर एरिया में होगी तैनाती सरकार ने फैसला लिया है कि प्रोबेशन अवधि पूरी करने वाली ग्रुप-सी और ग्रुप -डी कर्मचारियों, शिक्षकों, महिला कर्मचारियों से एक फार्म भरवाया जाएगा। अगर वह कुवारी है तो मायके, मैरिड है तो ससुराल व सिंगल है तो जहां वह रह रही है, उस जगह का पता देना होग। उसके बाद उनकी चालीस किलोमीटर के एरिया में तैनाती होगी। दो बार अंगुलियां गिननी पड़ती है महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 1000 या 1500 रुपये मिलने से महिलाएं अमीर नहीं हो जाएंगी, लेकिन इससे उन्हें कुछ आर्थिक सहारा जरूर मिलेगा। विपक्ष पर निशाना साधते हुए मान ने कहा कि एक तरफ लोग हमारे साथ फोटो खिंचवाते हैं और दूसरी तरफ पुराने नेता अकाली दल और कांग्रेस के साथ हाथ मिलाते हैं, तो दो बार उंगलियां गिननी पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि किसी का हक मारना सबसे बड़ा अन्याय है। साथ ही केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जो सरकार NEET जैसी परीक्षा भी सही ढंग से नहीं करवा सकी, उसके मुकाबले पंजाब में आज तक एक भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है।
अब जानिए स्टूडेंटस से बातचीत में क्या कहा आपकी सरकार आए, अगला नियुक्ति पत्र आपसे लूं सीएम भगवंत मान ने इस दौरान कुछ युवाओं से बातचीत की। इस मौके गुरमिंदर कौर ने सीएम को बताया कि वह बठिंडा से हैं। वह सरकार के वाटर रिसोर्स डिपार्टमेंट में जेई के पद पर चयनित हुई हैं और अपना नियुक्ति पत्र लेने आई हैं। उन्होंने कहा, “मैं अरदास करती हूं कि दोबारा आपकी सरकार बने। मैं एसडीएम का नियुक्ति पत्र आपसे लूं। मेरा PCS बनने का सपना है। मेरे तीन एग्जाम क्लियर हो चुके हैं। सेंट्रल में नियुक्ति हो चुकी है। मैं दिल्ली दौड़कर आई हूं। मेरी दोस्त पुष्पिंदर कौर सात साल कनाडा छोड़कर आई है।” कनाडा छोड़कर भारत आई पुष्पिंदर कौर ने कहा, “मैं सात साल कनाडा में रहकर आई हूं। वहां दिन-रात काम चलता रहता है। वहां रॉन्ग नंबर मिलाओ तो भी पंजाबी बोलते हैं। वहां कोई गोरा भी आ जाए तो पंजाबी बोलता है। मेरी माता बीमार है। मेरा मंगेतर राजनीति में आना चाहता है। ऐसे में उन्होंने कहा था कि यहां आ जाओ, यहां भी कोशिश करते हैं। वह सरपंची की तैयारी कर रहे हैं। मैंने कोई सिफारिश नहीं लगवाई है। दो-दो पेपर क्लियर किए हैं। पहली तनख्वाह बाबेयां दी होती है।” पिता की मौत के 20 साल बाद मिली नौकरी हनी ने कहा कि उनके पिता की 2007 में मृत्यु हो गई थी। अब 20 साल बाद उन्हें नौकरी मिलने जा रही है। उन्होंने कहा कि वह ईमानदारी से नौकरी निभाएंगे। इस पर सीएम मान ने कहा, “मुझे इस तजुर्बे से यह लगा कि आपकी मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। एक लड़के को 20 साल लग गए। पिता का साया उठ गया। पता नहीं उसने घर की जिम्मेदारियां कैसे निभाई होंगी।”



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