चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया (फाइल फोटो)
बच्चों के टीकाकरण को लेकर जागरूकता तो काफी है, लेकिन बढ़ती उम्र के साथ बुजुर्गों के लिए जरूरी वैक्सीनेशन को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसी कमी को दूर करने के लिए चंडीगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH-32) में आज से देश का अपनी तरह का ए
.
पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया आज इस विशेष क्लिनिक का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। यह क्लिनिक रोटरी क्लब चंडीगढ़ सेंट्रल और GMCH-32 के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के सहयोग से शुरू किया जा रहा है। इसे अस्पताल के बी-ब्लॉक स्थित जेरियाट्रिक ओपीडी में संचालित किया जाएगा।
बच्चों के बाद अब बुजुर्गों के टीकाकरण पर फोकस
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार भारत में बच्चों के टीकाकरण को लेकर व्यापक जागरूकता है, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ कमजोर होती प्रतिरोधक क्षमता के कारण बुजुर्गों को जिन जरूरी टीकों की आवश्यकता होती है, उनके प्रति जानकारी और जागरूकता काफी कम है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों, खासकर मधुमेह, हृदय रोग, अस्थमा, सीओपीडी और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली से जूझ रहे लोगों में सामान्य संक्रमण भी गंभीर रूप ले सकते हैं। ऐसे में समय पर टीकाकरण कई जानलेवा बीमारियों से सुरक्षा प्रदान कर सकता है।
इन बीमारियों से बचाने के लिए लगाए जाएंगे टीके
क्लिनिक में डॉक्टरों की सलाह और मरीज की उम्र तथा स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार विभिन्न प्रकार के टीके लगाए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं—
- इन्फ्लुएंजा (फ्लू) वैक्सीन : मौसमी फ्लू और वायरल संक्रमण से बचाव के लिए।
- निमोनिया वैक्सीन : फेफड़ों के संक्रमण और निमोनिया के खतरे को कम करने के लिए।
- शिंगल्स वैक्सीन : हर्पीज जोस्टर यानी दर्दनाक दाद से सुरक्षा के लिए।
- हेपेटाइटिस वैक्सीन : लीवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए।
- टिटनेस और अन्य बूस्टर डोज : जरूरत के अनुसार अन्य आवश्यक टीके भी उपलब्ध होंगे।
एक ही स्थान पर मिलेगी सलाह और टीकाकरण
इस क्लिनिक के शुरू होने से बुजुर्गों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें एक ही स्थान पर विशेषज्ञ सलाह, काउंसिलिंग और वैक्सीनेशन की सुविधा उपलब्ध होगी।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर टीकाकरण से बुजुर्गों में गंभीर संक्रमण, अस्पताल में भर्ती होने की नौबत और जटिलताओं का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। इससे उनकी जीवन गुणवत्ता बेहतर होगी और परिवारों पर इलाज का आर्थिक बोझ भी घटेगा।
डॉक्टरों की अपील: बुजुर्गों को जरूर दिलाएं सलाह
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके परिवार में 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग हैं या वे शुगर, ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या फेफड़ों की बीमारी जैसी किसी पुरानी बीमारी से पीड़ित हैं, तो उन्हें GMCH-32 के इस नए क्लिनिक में लेकर जाएं और डॉक्टरों से उनके लिए जरूरी टीकों के बारे में परामर्श जरूर लें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों की तरह बुजुर्गों के लिए भी समय पर टीकाकरण स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
