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फरीदाबाद के थाना सेंट्रल क्षेत्र में वाहनों के फर्जी फिटनेस सर्टिफिकेट तैयार करने वाले एक शातिर गिरोह का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने इस धोखाधड़ी के संबंध में तीन आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान रोहित, नारायण और विक्रम के रूप में हुई है, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। यह मामला तब सामने आया जब दिल्ली के सिविल लाइंस निवासी और ‘वेदपाल टूर एंड ट्रैवल्स’ के मालिक वेदपाल ने पुलिस को शिकायत दी। जानिए कैसे हुआ खुलासा वेदपाल के पास करीब 15 वाहनों का बेड़ा है।अप्रैल 2025 में जब वेदपाल 2023 में खरीदी गई अपनी इनोवा कार का फिटनेस सर्टिफिकेट बनवाने आरटीओ कार्यालय गए। वहां उनकी मुलाकात रोहित से हुई। रोहित ने खुद को इस काम का विशेषज्ञ बताकर वेदपाल से गाड़ी के सभी जरूरी दस्तावेज ले लिए और जल्द सर्टिफिकेट बनवाने का वादा किया। बंद हो चुकी कंपनी का जारी किया सर्टिफिकेट कुछ समय बाद रोहित ने ‘करण ऑटोमोटिव कंपनी’ के पोर्टल से जारी एक फिटनेस सर्टिफिकेट वेदपाल को थमा दिया। वेदपाल को संदेह हुआ। उन्होंने जांच की तो चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। जिस कंपनी के नाम पर सर्टिफिकेट जारी किया गया था, वह काफी समय पहले ही सरकार को लाइसेंस सरेंडर कर चुकी थी। कंपनी के अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि उनकी ओर से ऐसा कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। पानीपत से जुड़े हैं गिरोह के तार पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे पानीपत निवासी नारायण और विक्रम की मुख्य भूमिका थी। इन दोनों ने रोहित के साथ मिलकर फर्जी पोर्टल या दस्तावेजों के जरिए यह जाली सर्टिफिकेट तैयार किया था। ऑरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दी जा रही दबिश मामले के जांच अधिकारी समय सिंह ने बताया कि शिकायतकर्ता के बयानों और प्राथमिक सबूतों के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि इस गिरोह ने अब तक और कितने वाहन स्वामियों को अपना शिकार बनाया है।” पुलिस ने वाहन स्वामियों को सतर्क रहने की सलाह दी है कि वे केवल अधिकृत केंद्रों और सरकारी पोर्टलों के माध्यम से ही अपने वाहनों के दस्तावेज तैयार करवाएं।
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गाड़ियों के फर्जी फिटनेस बनाने वाला गिरोह बेनकाब:फरीदाबाद में तीन पर केस, बंद कंपनी का जारी किया सर्टिफिकेट, जांच में खुलासा







