![]()
अप्रैल का महीना समाप्त होते-होते उत्तर भारत के राज्यों में भीषण गर्मी और लू (Loo) का प्रकोप शुरू हो गया है। कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर चुका है, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। दिन के समय चल रही गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। सिविल अस्पताल के एस.एम.ओ. डॉ. सुनील चंद ने बताया कि बढ़ते तापमान के कारण हीट स्ट्रोक (लू लगना) के मामले बढ़ सकते हैं। बच्चे, बुजुर्ग और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित लोगों के लिए यह मौसम विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है। डॉक्टरों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति में निम्नलिखित लक्षण दिखें, तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए:
स्वास्थ्य विभाग की ‘सेफ्टी एडवायजरी’ बढ़ते खतरों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि गर्मी के दुष्प्रभावों से बचा जा सके:
बचाव ही सबसे बड़ा उपाय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम की गंभीरता को समझें और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। स्कूलों और कार्यस्थलों पर भी विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस भीषण गर्मी में जागरूकता और समय पर ली गई डॉक्टरी सलाह ही जानमाल के नुकसान को कम कर सकती है।
Source link







