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जींद जिले के उचाना के एक इंजीनियर ने बिना दहेज के शादी है। उन्होंने अपनी शादी में शगुन के तौर पर केवल एक रुपया लिया। यह विवाह समाज में दहेज प्रथा के खिलाफ एक सकारात्मक संदेश देता है। घसो निवासी भूपेंद्र जांगड़ा बीटेक करने के बाद फरीदाबाद की एक टेक्सटाइल कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। उसकी शादी गांव बामणीवाला की रहने वाली लवीश के साथ हुआ, जो अशोक कुमार की पुत्री हैं। सोमवार को यह शादी समारोह संपन्न हुआ। फरवरी में हुआ था रिश्ता दुल्हन लवीश ने BA की है और हरियाणा शिक्षक पात्रता परीक्षा (एचटेट) क्लीयर है। लवीश तीन बहनों में सबसे बड़ी है, और उसका भाई नहीं है। उसके पिता प्रॉपर्टी डीलर का काम करते है। लवीश और भूपेंद्र का फरवरी महीने में रिश्ता क्या हुआ था। लड़के का पिता ग्रामीण डॉक्टर है और साथ में खेती-बाड़ी करते हैं । बेटी से बड़ा कोई धन नहीं होता भूपेंद्र जांगड़ा के पिता धर्मबीर जांगड़ा ने बताया कि उनके परिवार की हमेशा से इच्छा थी कि बेटे की शादी बिना किसी दान-दहेज के हो। उन्होंने कहा कि ऐसे विवाह लड़की पक्ष पर पड़ने वाले अनावश्यक आर्थिक बोझ को कम करते हैं और उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। धर्मबीर जांगड़ा ने यह भी कहा कि बेटी से बड़ा कोई धन नहीं होता। शादी समारोह में उपस्थित लोगों ने दूल्हे पक्ष की इस पहल की सराहना की। उनका मानना है कि यह विवाह समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो अन्य लोगों को भी दहेज मुक्त विवाह के लिए प्रोत्साहित करेगा।
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जींद के इंजीनियर ने शादी में लिया एक रुपया शगुन:पिता बोले-बेटी से बड़ा कोई धन नहीं होता; दुल्हन एचटेट पास







