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हमने किसी से गद्दारी नहीं की: साहनी:बोले- पार्टी छोड़ने से पहले केजरीवाल से मिला था; सीचेवाल बोले- राघव का फोन आया था




पंजाब के आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने पर सियासत गरमाई हुई है। इसी मामले में अब डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी का कहना है कि उन्होंने पंजाब से कोई गद्दारी नहीं की है। बीजेपी जॉइन करने पहले उन्होंने आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की थी। अपनी सारी बात उनके सामने रखी थी। केजरीवाल रिजाइन करने की बात कही थी। उन्होंने मन बना लिया, लेकिन सलाहाकारों ने समझाया कि यह कोई हल नहीं है। दूसरी तरफ संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि राघव चड्ढा ने उनसे मिलने की अप्रोच की थी। उन्हें 16, 17 और 18 को चाय पर बुलाया था, लेकिन हमारी मुलाकात नहीं हुई। उन्होंने आजाद ग्रुप बनाने की बात कही थी, जिससे हमने सीधा मना कर दिया था। साहनी ने इस घटनाक्रम पर यह प्वाइंट उठाए हैं मान साहब के बारे में कुछ नहीं बोलूंगा साहनी ने कहा कि मैं सीएम मान साहब बारे कोई टिप्पणी नहीं कर सकता। लेकिन मैं यह कहता हूं हमने पंजाब के साथ कोई गद्दारी नहीं की है। पंजाबियों से कोई गद्दारी नहीं की। यह उनका जुमला गलत है। पंजाब के लिए काम करेंगे। हमारे पंजाब के लिए कई प्रोजेक्ट हैं, जिसमें दस हजार से अधिक बच्चों को रोजगार देने से लेकर कई प्लान हैं। केजरीवाल साहब को बुधवार को मिलने के लिए मैं गया, अशोक मित्तल भी मिले थे। हरभजन भी दो दिन पहले मिले थे। हालांकि हमने कभी पार्टी जॉइन भी नहीं करवाई, लेकिन हमेशा उनके कर्जदार रहेंगे कि उन्होंने हमें मौका दिया। मान साहब या केजरीवाल साहब से गिला-शिकवा नहीं है। मैं उनके खिलाफ न कभी कुछ कहा है और न कहूंगा जिंदगी भर। हम कर्जदार हैं कि चार साल हमने पंजाब की सेवा की। मैंने केजरीवाल साहब को सारी बात बताई, उन्होंने कहा कि इस्तीफा दे दो। मेरा मन बुधवार रात को इस्तीफा देने के लिए बन गया था कि कोई बात नहीं, रिजाइन कर हम देख लेंगे। रिजाइन की बात चली तो सलाहकारों ने कहा कि आपके दो लोगों के रिजाइन करते से दो-तिहाई चार या पांच में हो जाएगा। अब तक तो सात चाहिए थे। मैंने ने पंजाब के मुद्दे संसद में उठाएं जब तक सेंटर और स्टेट में लड़ाई रहेगी तो पंजाब कुछ नहीं करेगा। पंजाब और पंजाबियों के साथ कोई गद्दारी नहीं की है। हम सब लोगों ने। जो भी है, अब कुछ भी कह सकते हैं। हम सेवा पहले भी करते थे, अब टाइम बताएगा, इतिहास गवाह होगा कि हम कितनी करेंगे। हम पंजाब की आवाज उठाते थे, हम उससे रुकेंगे नहीं। हम ज्यादा आवाज उठाएंगे। पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ है, पानी का मुआवजा, मैंने पहली बार यह मामला पार्लियामेंट में उठाया। एक मर्यादा में रहकर पंजाब के मुद्दे उठाएंगे। एक मर्यादा में रहकर काम करेंगे। डिस्कशन होगी। ऐसे सात हम और पंजाब के एमपी हैं। पंजाब आईसीयू में, स्ट्रांग लीडरिशप की जरूरत मैं तो हर बार संसद सेशन से पहले सात में दो बार प्रीतिभोज करता हूं कि पंजाब के मुद्दों पर बात बना लें। पंजाब में लड़ लो, यहां तो एक आवाज बनो। रात को सब इमोशनल हो जाते थे, कहकर जाते हैं, वह सुबह मुकर जाते। महाराजा रणजीत सिंह का स्टैच्यू गेट नंबर नौ में वाजपेयी के समय में लगवाया था। वह पीछे रह गया। मैंने कहा इसके लिए तो चलो महाराजा रणजीत सिंह का बुत आगे ले आएं। महात्मा गांधी का आ गया। इकट्ठे होकर नहीं जाते हैं। पंजाब आईसीयू में है। पंजाब को बचाने के लिए स्ट्रांग सेंट्रल सपोर्ट की जरूरत है। कानूनी कार्रवाई सहीं, हम राजनीतिक नहीं कानूनी कार्रवाई सही है। वह प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट और सुप्रीम कोर्ट देखेगी। लेकिन जितना मैंने पढ़ा है कि दो-तिहाई का रूल है और मर्जर भी हुआ है। जो भी हुआ है, हम पंजाब की सेवा करते रहेंगे। हम पंजाब के एमपी नहीं रहेंगे। हम रिजाइन करने के लिए तैयार नहीं हैं। हम राजनीतिक व्यक्ति नहीं हैं। आजाद ग्रुप बनाने की बात कहीं थी संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने कहा कि राघव चड्ढा ने चाय के लिए बुलाया था। 16, 17 और 18 को बुलाया था। फोन आया था कि हमने एक ग्रुप बनाया है, जो कि आजाद धड़ा है, जिसमें सबने साइन कर दिए हैं। हमने कहा कि हमारा इस पर एक ग्रुप कोई सहयोग नहीं है। हाालंकि हमारी मुलाकात नहीं हुई।



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